अगरतला, 27 सितंबर (भाषा) त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार को डीवाईएफआई के एक कार्यक्रम में शामिल होने जाने के दौरान रविवार को पश्चिम त्रिपुरा जिले में ग्रामीणों के एक समूह ने काले झंडे दिखाए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
माणिक सरकार की पार्टी माकपा और कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की तथा आरोप लगाया कि यह राज्य में भाजपा नीत सरकार के तहत मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है।
पुलिस के अनुसार, माणिक सरकार दोपहर करीब 12 बजे कालीबाजार में माकपा के युवा संगठन डीवाईएफआई की मोहनपुर मंडल समिति के सम्मेलन में शामिल होने जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेर लिया और उनके खिलाफ नारे लगाए।
माणिक सरकार 1998 से 2018 तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे थे।
मोहनपुर के अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) आशीष दास गुप्ता ने कहा, ‘‘सूचना मिलने के बाद पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों का एक दल मौके पर पहुंचा और माणिक सरकार को सुरक्षित स्थानीय माकपा कार्यालय तक पहुंचाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित किया और सुरक्षित अगरतला लौट गए।’’
माकपा के प्रदेश सचिव और त्रिपुरा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने घटना की निंदा की। चौधरी ने कहा कि उन्होंने राज्य के पुलिस प्रमुख से बात की है, जिन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने भी घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री पर हुआ हमला भाजपा नीत सरकार के तहत राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।
भाषा शफीक दिलीप
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