बीमार बीवी को ठीक करने के लिए चंद्रग्रहण को दे दी बच्ची की नरबलि

Ads

बीमार बीवी को ठीक करने के लिए चंद्रग्रहण को दे दी बच्ची की नरबलि

  •  
  • Publish Date - February 16, 2018 / 12:38 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:58 PM IST

इस खबर का शीर्षक देखकर ही आपकी रुह कांप गई होगी, लेकिन आज के दौर में भी जादू-टोने, तंत्र-मंत्र पर भरोसा करने वालों की कमी नहीं है और जब तक ये अंधविश्वास रहेगा, तब तक इस तरह की दुखद घटनाएं सामने आती रहेंगी। हम जो ख़बर आपको बताने जा रहे हैं, उसका खुलासा पुलिस ने 15 फरवरी को किया है, लेकिन ये वारदात चंद्रग्रहण की रात को हुई थी। चंद्रग्रहण और इस वारदात का क्या है कनेक्शन, इसे जानने के लिए पढ़िए ये पूरी ख़बर…

दो हफ्ते पहले हैदराबाद के उप्पल इलाके में एक कैब ड्राइवर के घर की छत पर एक बच्ची का सिर मिला था। बच्ची का धड़ गायब था, इसलिए किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर माजरा क्या है? कैब ड्राइवर जिसका नाम है राजशेखर है, उसने और उसकी पत्नी श्रीलता ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता। राजशेखर ने कहा कि वो एक मामूली कैब ड्राइवर है, जो उबर के सहारे टैक्सी चलाकर किसी तरह परिवार पाल रहा है। उसकी पत्नी चार साल से बीमार रह रही है और उसका भी हाल ही में ऑपरेशन हुआ है, जिसके बाद से उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। पति-पत्नी की बातों से केस को सुलझाने में कोई क्लू न मिलता देख पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड की मदद ली। स्निफर डॉग छत पर कई चक्कर लगाने के बाद पड़ोस वाले घर में गया, जहां पिता और पुत्र रहते थे। पुलिस ने इन दोनों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की, लेकिन शुरुआती पूछताछ में ही ये साफ लगने लगा कि पड़ोसी बेकसूर हैं। 

ये भी पढ़ें-  सुकमा में पुलिस ने किया दो नक्सलियों को ढेर वहीं बीजापुर में नक्सलियों ने जलायी बस

पुलिस को ये गुत्थी सुलझाने में कोई मदद नहीं मिल रही थी और तफ्तीश को दिशा नहीं मिल पा रही थी। 1 फरवरी को पुलिस ने राजशेखर और श्रीलता के घर से ब्लड सैंपल्स समेत जो सुबूत जुटाए थे, उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा गया था। पुलिस ने एक बार फिर से 9 फरवरी को राजशेखर के घर जाकर वहां उनके रहने के कमरे से ब्लड सैंपल्स इकट्ठा किए। 14 फरवरी को फोरेंसिक रिपोर्ट से ये सामने आया कि राजशेखर के कमरे और उसके घर की छत से मिले ब्लड सैंपल्स एक ही थे। इस सच के सामने आते ही राजशेखर पर पुलिस का शक गहरा गया और अगले ही दिन उसे दबोच लिया गया। 

ये भी पढ़ें- रायपुर में हुआ सानिया साहू का सफल किडनी ट्रांसप्लांट “वो दिया ला कोन बुतावे जेला सौंहर देवता जलावे”

पुलिस ने जब राजशेखर और श्रीलता से सख्ती के साथ पूछताछ की तो जो सच बाहर आया, वो रुह कंपाने वाला है। दरअसल, श्रीलता चार साल से बीमार थी, जिसके कारण पति-पत्नी परेशान रहा करते थे। करीब दो साल पहले दोनों तेलंगाना के मेदारम जातरा या समाक्का सारालम्मा जातरा में गए थे, जो आदिवासी हिंदुओं का मशहूर त्योहार है। यहां कोया दोरा जनजाति के एक आदिवासी के संपर्क में दोनों आए, जिसने बताया कि श्रीलता पर बुरी आत्मा का साया है और इसका समाधान किसी बच्ची की नरबलि है। 

ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में इलाज के बजाय डॉक्टर कर रहे है क्लर्क का काम

राजशेखर और श्रीलता इसके बाद घर लौट आए और फिर बारी-बारी से तीन तांत्रिकों से बीमारी ठीक करने का रास्ता पूछा, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार राजशेखर ने ये तय कर लिया कि अपनी पत्नी को ठीक करने के लिए वो किसी बच्ची की नरबलि देगा और तबसे वो किसी बच्ची को अगवा करने की ताक में लग गया। राजशेखर की नज़र सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे किसी तरह ज़िंदगी काटने वाली एक महिला पर पड़ी, जिसकी 3-4 महीने की छोटी सी बच्ची थी। 31 जनवरी को राजशेखर की नजर इस बच्ची पर पड़ी और उसने 1 फरवरी को रात पौने एक बजे वो बच्ची को अगवा करने अपने घर से निकल गया। उसने अपने साथ पॉलीथीन, चाकू भी रख लिया था। मासूम बच्ची अपनी मां के साथ सोई थी, जिसे उसने उठा लिया और रात 2 बजे प्रताप सिंगारम में मूसी नदी के किनारे पहुंच गया। वहां उसने बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया, धड़ को नदी में फेंक दिया, चाकू भी नदी में फेंक दिया और आधे घंटे तक सिर से खून का बहाव बंद होने तक इंतजार करता रहा। इसके बाद उसने पॉलीथीन में मासूम का कटा सिर रखा और घर लौट आया।

ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अचानक हुई फेरबदल दो जिले के एसपी बदले गए

घर पहुंचने के बाद राजशेखर और उसकी पत्नी ने मासूम के सिर की पूजा की, फिर उसे छत पर चंद्रग्रहण की रोशनी में खुले आसमान के नीचे रखा और सोने चले गए। इसी बीच, उसी मकान के दूसरे हिस्से में रहने वाली राजशेखर की मां की निगाह बच्ची के सिर पर पड़ गई और उसने शोर मचाकर पड़ोसियों को जुटा लिया। पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ हत्या की धारा 302, साक्ष्य नष्ट करने की धारा 201 के तहत केस दर्ज किया गया है।

वेब डेस्क, IBC24