कॉजपा का संसद मार्च: आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर साधा निशाना

कॉजपा का संसद मार्च: आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर साधा निशाना

कॉजपा का संसद मार्च: आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर साधा निशाना
Modified Date: July 20, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: July 20, 2026 5:58 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत शुरू नहीं करने के लिए सरकार पर अहंकार का आरोप लगाया।

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे युवाओं की केवल एक ही मांग है, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।

सिंह ने कहा, ‘‘कई दिनों से यह प्रदर्शन चल रहा है। उनकी केवल एक मांग है — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और प्रश्न पत्र लीक मामले में सख्त कार्रवाई। लेकिन केंद्र सरकार में किसी के पास प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का समय नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास ‘मेलोडी’ खाने का समय है, लेकिन प्रदर्शनकारियों से बात करने का नहीं।’’

आप के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि युवाओं को पीटा गया, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे किसी दुश्मन देश के नागरिक हों। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी को अब समझ लेना चाहिए कि युवा जाग चुका है। अगर आप उनकी बात नहीं सुनेंगे तो वे आपको सत्ता से बाहर कर देंगे।’’

आप नेता गोपाल राय ने संवाददाता सम्मेलन में मांग की कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके को तुरंत हिरासत से रिहा किया जाए।

राय ने कहा, ‘‘उन्होंने केवल धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसके बजाय (सामाजिक कार्यकर्ता) सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे, लेकिन जंतर-मंतर के आसपास सभी रास्तों पर अवरोधक लगा दिए गए, बल प्रयोग किया गया और दीपके को हिरासत में ले लिया गया।’’

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया है और उन्हें हिरासत में लेने से जुड़ी खबरें गलत हैं।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा ने भी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

भारद्वाज ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या यह दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ‘जेन जेड’ के बीच काफी अलोकप्रिय हैं। लोग अब भी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के युवा भी इसमें शामिल हुए हैं।’’

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।

इससे पहले आतिशी, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह कॉजपा के संसद मार्च में शामिल हुए।

भाषा आशीष सुभाष

सुभाष


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