नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने मध्य दिल्ली स्थित ‘स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर’ (एसपीए) की इमारत में आग लगने की घटना पर चिंता जताई है।
पार्टी ने इस घटना का सीधा संबंध ‘सीबीएसई-नीट’ परीक्षाओं के आयोजन को लेकर जारी मौजूदा विवाद और कथित प्रश्न पत्र लीक से जोड़ा है।
हादसे के बाद आई कई खबरों में दावा किया गया था कि आग केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में लगी है। इससे पहले दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने भी बयान दिया था कि आग इसी इमारत में स्थित मंत्रालय के दफ्तर में लगी थी। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट किया गया कि आग इमारत के भीतर मौजूद शिक्षा मंत्रालय के परिसर में नहीं लगी थी।
‘आप’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, ‘जिस जगह से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद किया गया, जहां से नीट का पेपर लीक हुआ, अचानक उसी शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में आग लग जाती है, इसके गहरे मायने समझिए।’
सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया, ‘अब लाखों बच्चों के भविष्य को आग के हवाले कर दिया जाएगा और सारे सबूत मिटा दिए जाएंगे।’
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘संदिग्ध’ बताया है।
दूसरी तरफ, दिल्ली भाजपा ने आम आदमी पार्टी के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि आग आईटीओ के पास स्थित एसपीए इमारत के महज एक कमरे में लगी थी, जिसका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, ‘आईटीओ के पास एसपीए इमारत की दूसरी मंजिल पर शिक्षा मंत्रालय का एक बेहद छोटा विभाग है, जिसका केवल एक ही कमरा वहां है। इस विभाग का नीट या सीबीएसई विवाद से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।’
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह पारदर्शी है और हमेशा रहेगी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, सुबह 9:37 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद दमकल की आठ गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
अग्निशमन कर्मियों ने एसपीए इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित प्रशासनिक ब्लॉक के शिक्षकों के कमरों में भड़की आग पर काबू पाने के लिए अभियान संचालित किया।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
भाषा सुमित दिलीप
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