अभिषेक बनर्जी ने आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी की कड़ी आलोचना की

अभिषेक बनर्जी ने आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी की कड़ी आलोचना की

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 07:13 PM IST

कोलकाता, 12 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक परामर्श देने वाली संस्था आई-पैक (इंडियन-पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के कार्यालय पर हाल में हुई छापेमारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आलोचना करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी सूचना चुराने आई थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक हिसाब-किताब चुकता करने के लिए उसका दुरुपयोग कर रही है।

बनर्जी ने पार्टी के ‘डिजिटल योद्धाओं’ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईडी की कार्रवाई के पीछे के उद्देश्य और औचित्य पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एजेंसी निष्पक्ष जांच करने के बजाय ‘‘चोरी करने’’ में अधिक दिलचस्पी दिखा रही है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि केंद्रीय जांच एजेंसी संगठन के खिलाफ ‘‘वास्तव में जांच’’ कर रही थी, तो उसने केवल पश्चिम बंगाल में ही आई-पैक के कार्यालय पर छापा क्यों मारा और ‘‘हैदराबाद एवं दिल्ली’’ जैसे स्थानों में ऐसा क्यों नहीं किया।

ईडी ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में आठ जनवरी को साल्ट लेक स्थित आई-पैक के कार्यालय और दक्षिण कोलकाता में उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापे मारे थे। इस दौरान राज्य के कुछ अन्य स्थानों और दिल्ली में भी छापेमारी की गई थी।

बनर्जी ने भाजपा पर चयनात्मक तरीके से निशाना साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जांच कंपनी के खिलाफ थी तो उसके सभी निदेशकों के आवासों की तलाशी ली जानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मामला एक निदेशक के खिलाफ है तो बंगाल कार्यालय को क्यों निशाना बनाया गया? यह स्पष्ट रूप से यह धारणा बनाने के लिए किया गया है कि पूरा संगठन ही दोषी है।’’

आई-पैक तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक परामर्श देने के अलावा पार्टी के आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करता है।

लोकसभा सदस्य बनर्जी ने ‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ (मैं बंगाल का डिजिटल योद्धा हूं) को संबोधित करते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक संबद्धता के आधार पर अलग-अलग मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि जब भाजपा नेताओं पर पैसे लेने के आरोप लगते हैं तो एजेंसियां आंख मूंद लेती हैं लेकिन जो लोग भाजपा का विरोध करते हैं उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे ही ऐसे नेता भाजपा में शामिल होते हैं, वे तुलसी के पत्ते जितने पवित्र हो जाते हैं। जो विरोध करते हैं, उन्हें चोर करार दिया जाता है।’’

बनर्जी ने ‘डिजिटल योद्धाओं’ से इस कथित झूठे विमर्श का मुकाबला करने का आग्रह किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया मंचों के जरिए लोगों को पूरे मामले की जानकारी देकर एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को उजागर करने की अपील की।

भाषा

सिम्मी नरेश

नरेश