नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अप्रैल 2026 के लिए अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य में वर्ष 2025-26 के लिए भारत की सांकेतिक जीडीपी 3920 अरब अमेरिकी डॉलर होने का उल्लेख किया है, जिसके तहत भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अप्रैल 2026 के लिए अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य में वर्ष 2025-26 के लिए भारत की सांकेतिक जीडीपी 3920 अरब अमेरिकी डॉलर होने का उल्लेख किया है, जो भारत को दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ आईएमएफ की रैंकिंग मौजूदा अमेरिकी डॉलर विनिमय दरों पर मापी गई सांकेतिक जीडीपी पर आधारित है। नतीजतन, अर्थव्यवस्थाओं की सापेक्ष रैंकिंग कारकों के संयोजन के कारण बदल सकती है, जिसमें आर्थिक विकास, विनिमय दरों और कीमतों में उतार-चढ़ाव, राष्ट्रीय खातों में संशोधन और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के आकार और विकास में परिवर्तन शामिल हैं।’’
चौधरी ने कहा कि सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता को बढ़ाने के लिए व्यापक कार्यनीति अपनाई है। यह कार्यनीति कृषि उत्पादकता बढ़ाने, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में ढील देने, एमएसएमई को मजबूत करने, विश्व स्तरीय अवसंरचना का विस्तार करने, पीएम गति शक्ति और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के माध्यम से लॉजिस्टिक्स में सुधार करने और नवाचार, डिजिटलीकरण और अनुसंधान के माध्यम से विनिर्माण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, उदारीकृत एफडीआई नीति, प्रत्यक्ष कर और जीएसटी सुधारों के माध्यम से एक कुशल और सुव्यवस्थित कर प्रणाली और व्यापार करने में आसानी में निरंतर सुधार के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दे रही है।
चौधरी ने कहा, ‘‘नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 (5 अगस्त) की अवधि के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा सकल बिक्री ₹29.8 लाख करोड़ थी।’’
चौधरी ने एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सकल गैर-निष्पादित संपत्तियां (जीएनपीए) पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लगातार कम हुई हैं और 31 मार्च 2024 के 3,39,541 करोड़ रुपये के उच्च स्तर से घटकर 31 मार्च 2026 तक 2,45,634 करोड़ रुपये हो गई हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पिछले तीन वर्षों में रिपोर्ट किए गए धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 2023-24 के 54,850 मामलों से घटकर 2025-26 में 5,786 मामले रह गई।
भाषा अविनाश माधव
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