जयपुर, 26 अगस्त (भाषा) राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में दवा वितरण में लापरवाही पर 215 निजी फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बताया कि इन फार्मेसी की लेनदेन प्रबंधन प्रणाली (टीएमएस) को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस में दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दवा उपलब्ध नहीं कराने वाली फार्मेसी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। उन्होंने कहा कि असंतोषजनक उत्तर तथा कारण बताओ नोटिस का उत्तर प्रस्तुत करने में विफल रहने के कारण संबंधित फार्मेसियों का टीएमएस निलंबित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत जयपुर में सर्वाधिक 39 फार्मेसी का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दवा प्राप्त करने में हो रही परेशानी को देखते हुए यह कार्रवाई फार्मेसी में अनुशासन स्थापित करने एवं योजना के दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
आरजीएचएस की परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल बताया कि अलवर एवं सीकर में 20-20, भरतपुर, चूरू एवं दौसा में 10-10, अजमेर में 9, झुंझुनूं एवं श्रीगंगानगर में 8-8, जोधपुर एवं कोटा में 7-7, हनुमानगढ़ एवं पाली में 6-6, बारां, कोटपूतली-बहरोड़ में 5-5, डीग, खैरथल-तिजारा एवं टोंक में 4-4, डीडवाना-कुचामन, नागौर एवं उदयपुर में 3-3 तथा ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, जैसलमेर, जालोर एवं करौली में 2-2 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, झालावाड़, सवाई माधोपुर एवं सिरोही में 1-1 फार्मेसी का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के बाहर स्थित दिल्ली एवं गुरुग्राम में भी 1-1 फार्मेसी पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि आरजीएचएस का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दवाइयां समय पर और सुचारु रूप से उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि दवा वितरण में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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