हैदराबाद, दो जनवरी (भाषा) तेलंगाना के उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि मूसी नदी विकास परियोजना के प्रथम चरण के कुछ हिस्सों के लिए 4,100 करोड़ रुपये का ऋण देने पर एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य सरकार ने मूसी नदी परियोजना के लिए राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत 3,188 करोड़ रुपये की सहायता हेतु जल शक्ति मंत्रालय को प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भी भेजी है।
उद्योग मंत्री ने कहा, “पूरी परियोजना को पांच क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। क्षेत्र-एक की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर कार्य किया जा रहा है। इस क्षेत्र के कुल 55 किलोमीटर में से पहले चरण में 21 किलोमीटर का कार्य मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमआरडीसीएल) द्वारा किया जा रहा है। एडीबी ने 4,100 करोड़ रुपये का ऋण देने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है।”
उन्होंने बताया कि सिंगापुर की स्वतंत्र इंजीनियरिंग फर्म ‘मीन्हार्ड्ट’, ‘कुश्मैन एंड वेकफील्ड इंडिया’ और ‘आरआईओएस डिजाइन स्टूडियो’ को डीपीआर तैयार करने के लिए नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा था कि राज्य सरकार मूसी नदी पुनर्विकास परियोजना के तहत महात्मा गांधी के स्मारक बापू घाट के विकास की योजना बना रही है।
अनंतगिरि पहाड़ियों से निकलने वाली मूसी नदी पूर्व की ओर बहकर उस्मान सागर और हिमायत सागर जलाशयों में गिरती है, जो हैदराबाद के मुख्य जल स्रोत रहे हैं।
तेलंगाना सरकार ने मूसी नदी के प्रदूषण को कम करने और नदी तट के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अलग इकाई का गठन किया है।
भाषा खारी मनीषा
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