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रांची, 14 जनवरी (भाषा) राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू को बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई का नया अध्यक्ष चुना गया। साहू ने कहा कि पार्टी ‘‘जल, जंगल और जमीन’’ और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का स्थान लिया है। मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं।
राज्य इकाई के संगठनात्मक चुनाव के लिए पार्टी के प्रभारी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने आधिकारिक तौर पर साहू की नियुक्ति की घोषणा की।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पार्टी की झारखंड इकाई के अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन प्राप्त हुआ। जांच-पड़ताल और राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमति मिलने के बाद मैं आदित्य साहू को भाजपा की झारखंड इकाई का अध्यक्ष घोषित करता हूं।’’
ओराम ने कहा कि साहू के नेतृत्व में भाजपा मजबूत होगी और पार्टी भविष्य में राज्य में एक बार फिर अपनी सरकार बनाएगी।
भाजपा ने तीन अक्टूबर को साहू को झारखंड इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।
ओराम ने राज्य से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों की भी घोषणा की।
राज्य से राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, मधु कोड़ा और चंपई सोरेन, सांसद संजय सेठ और दीपक प्रकाश, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और पूर्व सांसद करिया मुंडा और गीता कोड़ा शामिल हैं।
साहू ने इस अवसर पर कहा, ‘‘मैं अपना पूरा जीवन इस संगठन को समर्पित कर दूंगा। राज्य संगठन में अनुभवी नेताओं का एक समूह है। उनके सहयोग से मैं पार्टी को आगे ले जाने का प्रयास करूंगा।’’
उन्होंने कहा कि वे सरकार बनाने में जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते भ्रष्टाचार, लूटपाट, घुसपैठियों की बढ़ती तादाद और बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
साहू ने कहा, ‘‘ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन सरकार के शासनकाल में हत्या, अपहरण और लूटपाट एक आम घटना बन गई है। सूर्य हंसदा और सोमा मुंडा जैसे नेताओं की हत्या के कारण आदिवासी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जल, जंगल और जमीन की लूट हो रही है। हमें इनकी और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ना होगा।’’
निवर्तमान अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि साहू के नेतृत्व में भाजपा राज्य में और अधिक मजबूत होगी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘हम पिछले एक साल से ‘संगठन पर्व’ में संलग्न हैं, जो एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बूथ स्तर के सदस्यों की नियुक्ति से लेकर बूथ, मंडल, जिला और राज्य स्तरीय समितियों के गठन तक का काम पिछले एक साल में पूरा हो चुका है। अब हम सभी को पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करना होगा।’’
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश