चुनावी जंग के बाद देखिए कैसे मिले मोदी-मनमोहन, राहुल-रविशंकर

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चुनावी जंग के बाद देखिए कैसे मिले मोदी-मनमोहन, राहुल-रविशंकर

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  • Publish Date - December 13, 2017 / 08:59 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

दिल्ली। गुजरात विधानसभा के चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मंगलवार को प्रचार अभियान समाप्त हो गया और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली वापस लौट आए। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के निवास पर हुई बैठक का मुद्दा उठाया था, इस बैठक में मौजूदगी को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी लपेटे में आ गए, जिसके बाद मनमोहन ने पत्र जारी कर कड़ी नाराजगी जताई थी।

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इस बैठक के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद पाकिस्तान ने भी ये कहा था कि भारत में हो रहे चुनाव में उसका नाम घसीटा जाना बंद किया जाना चाहिए, इस पर भारत ने आधिकारिक रूप से कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

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लेकिन, चुनाव प्रचार खत्म होने के अगले ही दिन आज दिल्ली में जब संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एक-दूसरे से मिले तो उनके चेहरों पर चुनावी तल्खी दूर-दूर तक नहीं नजर आ रही थी। 

देखिए तस्वीर- 

पहले तो दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया और फिर एक-दूसरे का हाथ थामकर मुस्कुराते हुए औपचारिक बात की। इस दौरान वहां सोनिया गांधी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल समेत दोनों दलों के कई नेता मौजूद थे। संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर इस हमले को नाकाम करने के दौरान शहीद 8 सुरक्षाकर्मियों और एक नागरिक को श्रद्धांजलि देने ये नेता संसद भवन में थे।

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गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ लगातार तीखे तीर चलाए। भाजपा सांसद साक्षी महाराज के हवाले से ये खबर भी आई कि राहुल गांधी खिलजी की औलाद लगते हैं तो मणिशंकर अय्यर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीच टिप्पणी वाला बयान भी चुनावी मुद्दा बना। इसी दौरान राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन और निर्वाचन को लेकर भी टीका-टिप्पणियों ने चुनावी सियासत को गरमाए रखा। 

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हालांकि प्रचार खत्म होने के बाद जब केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और रविशंकर प्रसाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आमने-सामने हुए तो उनकी मुलाकात में किसी तरह की तल्खी कहीं नजर नहीं आई।

देखें तस्वीर- 

संसद हमले की बरसी पर देश के सामने आई इन तस्वीरों से ये सुखद संदेश देश के सामने आ रहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान की तल्खी सिर्फ जुबानी तल्खी थी, दिलों में एक-दूसरे के प्रति शिष्टाचार और सम्मान बरकरार है और यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।

परमेंद्र मोहन, IBC24