केरल में आंदोलन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने सचिवालय का घेराव किया

केरल में आंदोलन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने सचिवालय का घेराव किया

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  • Publish Date - March 17, 2025 / 01:16 PM IST,
    Updated On - March 17, 2025 / 01:16 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 17 मार्च (भाषा) केरल में विभिन्न मांगों को लेकर एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां राज्य सचिवालय का घेराव कर दिया।

मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) का एक वर्ग सेवानिवृत्ति के बाद लाभों और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले 36 दिनों से यहां विरोध प्रदर्शन कर रहा है।

अपनी मांगों पर अब तक कोई आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलनकारियों ने सोमवार को शहर के मध्य में सचिवालय के विभिन्न द्वारों को घेरा।

प्रदर्शन स्थल पर एकत्र होने के बाद आशा कार्यकर्ता राज्य के प्रशासनिक केंद्र की ओर बढ़ीं, जिसके बाद वह सड़क पर बैठ गईं और उन्होंने नारेबाजी की।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए परिसर में अवरोधक लगा दिए।

सचिवालय के अंदर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई जबकि प्रदर्शनकारियों को सचिवालय में प्रवेश करने से रोकने के लिए 800 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया।

पुलिस ने कहा कि आंदोलन से सचिवालय के सामान्य कामकाज में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई।

कोल्लम जिले से पहुंची प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं में से एक ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगीं।

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘इस अल्प आय में हम अपना जीवन यापन कैसे कर सकते हैं। मैं विधवा हूं और मेरे दो बच्चे हैं, मुझे मेरी बुजुर्ग मां की भी देखभाल करनी है। ऐसे समय में जब आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, मैं इस अल्प मानदेय के साथ और नहीं रह सकती।’’

इस बीच, सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन को लेकर कहा कि जो लोग विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, उनका इसके पीछे कोई एजेंडा है।

माकपा के वरिष्ठ नेता और एलडीएफ संयोजक टीपी रामकृष्णन ने कहा, ‘‘उन्हें केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना चाहिए था… राज्य सरकार के खिलाफ नहीं।’’

एलडीएफ सरकार ने दावा किया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत सत्र 2023-24 में केंद्र सरकार से उसे कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली है, जिससे आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान समेत कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर असर पड़ा है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने राज्य के दावों को खारिज कर दिया है और तर्क दिया है कि उसने जो बकाया था वह दे दिया है, लेकिन केरल से उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं आया है।

केंद्र सरकार ने कहा कि प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद अपेक्षित राशि आशा कार्यकर्ताओं और राज्य को दे दी जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में घोषणा की थी कि एनएचएम के मिशन संचालन समूह ने आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन भत्ते को बढ़ाने का फैसला किया है।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा