AI Impact Summit 2026: इंटरनेट की तरह हर भारतीय के हाथ में होगा ‘AI का पावर’.. मुकेश अम्बानी के इस दावे से भारत बनेगा विश्व में ‘डिजिटल सिरमौर’.. पढ़ें क्या कहा

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AI Impact Summit 2026 Mukesh Ambani: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में मुकेश अंबानी ने सस्ती AI सेवाओं और 10 लाख करोड़ निवेश की घोषणा की।

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 12:49 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 12:53 PM IST

AI Impact Summit 2026 Mukesh Ambani || Image- PTI News File

HIGHLIGHTS
  • हर भारतीय तक पहुंचेगा AI
  • ₹10 लाख करोड़ निवेश योजना
  • भारतीय भाषाओं में काम करेगा AI

नई दिल्ली: उद्योगपति मुकेश अंबानी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। (AI Impact Summit 2026 Mukesh Ambani) उन्होंने कहा कि “भारत इंटेलिजेंस किराये पर नहीं ले सकता” और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब “इंटेलिजेंस एरा” से जोड़ेगा।

₹10 लाख करोड़ के निवेश का दावा

इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा कि यह निवेश भारत में मजबूत AI ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। साथ ही जियो अपने नेटवर्क के जरिए देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध कराएगा, जिससे AI सेवाएं कम लागत और तेज़ गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें।

‘AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा’ : मुकेश अम्बानी

अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। (AI Impact Summit 2026 Mukesh Ambani) इसी क्रम में शिक्षा के लिए जियो शिक्षा AI, स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य AI, कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत IQ जैसे प्लेटफॉर्म पेश किए गए, जो स्थानीय भाषाओं में AI आधारित सहायता उपलब्ध कराएंगे।

मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी AI शक्ति बन सकता है, बशर्ते तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। जियो की इन घोषणाओं से संकेत मिलता है कि कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी AI को अगला राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

‘AI नौकरियां नहीं छीनेंगा, अवसर पैदा करेगा’ : अम्बानी

AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेंगा बल्कि, यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नए अवसर पैदा करेगा।

अपने संबोधन की शुरुआत में अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि AI-आधारित विकास की यह पहल, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगी। (AI Impact Summit 2026 Mukesh Ambani) उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकती है।

इन्हें भी पढ़ें: –

Q1. मुकेश अंबानी ने AI को लेकर क्या घोषणा की?

उन्होंने सस्ती AI सेवाएं और बड़े निवेश की योजना घोषित की।

Q2. कितने निवेश का ऐलान किया गया है?

अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ निवेश की घोषणा हुई।

Q3. AI किन क्षेत्रों में उपयोग होगा?

शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और छोटे व्यवसायों में AI सेवाएं दी जाएंगी।