तमिलनाडु विधानसभा से अन्नाद्रमुक सदस्यों का बहिर्गमन

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तमिलनाडु विधानसभा से अन्नाद्रमुक सदस्यों का बहिर्गमन

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 03:13 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 03:13 PM IST

चेन्नई, 19 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के सदस्यों ने बुधवार को सदन से बहिर्गमन किया। विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर ने व्यवस्था दी थी कि पार्टी जिस मुद्दे को उठाना चाहती है, वह उसे बृहस्पतिवार को उठाये।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा स्वास्थ्य, दूध खरीद मूल्य में वृद्धि और विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने समेत कई घोषणाएं किए जाने के दौरान सदन में शांति बनी हुई थी। हालांकि अन्नाद्रमुक नेता ई. के. पलानीस्वामी ने अध्यक्ष से अपनी पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस से जुड़े मुद्दे को उठाने का आग्रह किया, जिसके बाद सदन का शांत माहौल अचानक बदल गया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और सदस्यों से स्थापित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि सदस्यों की ओर से दिए गए जरूरी मुद्दों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पहले ही सरकार को भेज दिया गया है और उन्हें अगली सुबह औपचारिक रूप से लिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उस दिन सदन की कार्यवाही में तीन महत्वपूर्ण सरकारी विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होनी है, इसलिए सदन की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने सदस्यों से अपनी सीट पर लौटने का आग्रह किया।

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के फैसले से असंतुष्ट अन्नाद्रमुक सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

बाद में विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक महासचिव पलानीस्वामी ने मयिलादुथुराई के एक मछुआरे से जुड़ी हालिया घटना को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब में काम कर रहे एक मछुआरे की ईरानी समुद्री लुटेरों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।

पलानीस्वामी ने सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने लगातार पांच दिनों तक सदन में यह मुद्दा उठाया, लेकिन उसे कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उन्होंने राज्य सरकार से मृत मछुआरे का शव जल्द तमिलनाडु लाने, घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

भाषा तान्या अमित

अमित