वेदांता ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उपायों में एक अरब डॉलर का किया निवेश

Ads

वेदांता ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उपायों में एक अरब डॉलर का किया निवेश

  •  
  • Publish Date - August 19, 2026 / 03:08 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 03:08 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. ने बुधवार को कहा कि उसने बीते वित्त वर्ष (2025-26) में शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में उपायों पर एक अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। कंपनी ने यह निवेश नवीकरणीय ऊर्जा, कम कार्बन वाले ईंधन, ऊर्जा दक्षता और प्रौद्योगिकी आधारित उपायों में किया।

कंपनी के अनुसार, इस बदलाव के तहत 2025-26 में समूह द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग सालाना आधार पर 52 प्रतिशत बढ़कर 400 करोड़ यूनिट हो गया। यह करीब तीन करोड़ भारतीय परिवारों की सालाना बिजली खपत के बराबर है।

वेदांता के पास अब करीब 2,000 मेगावाट की स्थापित और अनुबंधित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक चौबीसों घंटे उपलब्ध 2.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।

कंपनी ने बयान में कहा कि इन उपायों और कार्बन उत्सर्जन कम करने के अन्य कदमों से 2025-26 में करीब 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन को रोका गया। वहीं, समूह के धातु और खनन उत्पादन में हरित गृह गैस उत्सर्जन की तीव्रता 2020-21 के आधार वर्ष की तुलना में करीब 14 प्रतिशत कम हुई है।

भारत ने 2030 तक स्वच्छ ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता को 500 गीगावाट तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही देश का लक्ष्य अपनी ऊर्जा जरूरतों का 50 प्रतिशत नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करना और 2070 तक शुद्ध रूप से शून्य उत्सर्जन हासिल करना है।

वेदांता ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, पारेषण, बिजली ग्रिड, ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की जरूरत होगी। इससे इस बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी धातुओं और खनिजों की दीर्घकालिक मांग बढ़ेगी।

भाषा रमण अजय

अजय