राजस्थान: एम्स-जोधपुर के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट चिकित्सकों ने हड़ताल वापस ली

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राजस्थान: एम्स-जोधपुर के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट चिकित्सकों ने हड़ताल वापस ली

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  • Publish Date - September 27, 2026 / 11:17 PM IST,
    Updated On - September 27, 2026 / 11:17 PM IST

जोधपुर, 27 सितंबर (भाषा) राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन पुरी का रविवार को तत्काल प्रभाव से दिल्ली तबादला किये जाने के बाद प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट चिकित्सक की मौत को लेकर पिछले पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली।

एम्स-जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को एम्स-जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बातचीत के बाद सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान लीं।

एनेस्थीसिया विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. राज नरेश यादव (29) गत 22 सितंबर को चिकित्सकों के विश्राम कक्ष के शौचालय में मृत पाए गए थे।

आशंका जताई गई थी कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।

घटना के बाद करीब 450 रेजिडेंट चिकित्सकों ने 24 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी थी।

वे एम्स प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और कामकाज की परिस्थितियों से जुड़े अन्य उपायों को लागू करने की मांग कर रहे थे।

शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और जोधपुर के प्रतिनिधि के तौर पर इसका समाधान निकालना उनकी जिम्मेदारी थी, खासकर इसलिए क्योंकि इससे मरीज भी प्रभावित हो रहे थे।

शनिवार को शेखावत ने एम्स-जोधपुर का दौरा किया और रेजिडेंट चिकित्सकों से बातचीत की।

उन्होंने नड्डा के सामने उनकी मांगों की सूची रखी और रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की।

रविवार दोपहर को मंत्री ने खुद प्रदर्शनकारियों को सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी।

डॉ. पुरी के तबादले के अलावा, सरकार ने काम के अधिक बोझ और तनाव को देखते हुए रेजिडेंट चिकित्सकों के लगातार ड्यूटी के घंटों को ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे तक सीमित करने का फैसला किया है।

इसके साथ ही एम्स-जोधपुर का पुस्तकालय भी छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा।

भाषा पारुल जितेंद्र

जितेंद्र