न्यायिक अधिकारियों के ‘घेराव’ मामले में एआईएमआईएम नेता की गिरफ्तारी ‘राजनीति से प्रेरित’ : कबीर

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न्यायिक अधिकारियों के ‘घेराव’ मामले में एआईएमआईएम नेता की गिरफ्तारी ‘राजनीति से प्रेरित’ : कबीर

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 05:21 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 05:21 PM IST

कोलकाता, चार अप्रैल (भाषा) आम जनता उन्नयन पार्टी (आजउपा) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव के आरोप में सहयोगी एआईएमआईएम के एक नेता की गिरफ्तारी को शनिवार को ‘‘अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित’’ करार दिया।

उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने वास्तव में उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने ‘‘इलाके में शांति बहाल करने में मदद की थी’’।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को पेशे से वकील मोफक्करुल इस्लाम सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस्लाम को घेराव का ‘‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है।

कबीर ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर बंगाल सीआईडी ​​द्वारा की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित है।’’

इस्लाम को मालदा में भीड़ को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

कबीर को पिछले साल दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। कबीर ने दावा किया कि घटना के तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि इस्लाम ने सुजापुर विधानसभा क्षेत्र के डांगा में राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर अल-सिफा अस्पताल के सामने एक सभा को संबोधित किया था, जहां सुबह से ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो रहा था और उक्त स्थान मोथाबाड़ी से काफी दूर है।

कबीर ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन का न्यायिक अधिकारियों के घेराव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मोफक्करुल इस्लाम उस स्थान पर मौजूद थे या उन्होंने कोई भाषण दिया था।’’

उन्होंने दावा किया कि इस्लाम ने वास्तव में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में प्रशासन के साथ बातचीत करके सुजापुर में तनाव को कम करने की कोशिश की थी, जिसके परिणामस्वरूप विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया।

कबीर ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सबीना यास्मीन और कांग्रेस के अब्दुल हन्नान सुजापुर में आयोजित सभा में मौजूद थे और उन्होंने विरोध प्रदर्शन के प्रति समर्थन व्यक्त किया था, और सभा स्थल पर उनकी उपस्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।

कबीर ने कहा, ‘‘लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।’’

उन्होंने इस्लाम की ‘‘तत्काल और बिना शर्त रिहाई’’ की मांग की और पूरे मामले की ‘‘निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच’’ की अपील की।

भाषा धीरज शफीक

शफीक