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Air India CEO Resignation: नई दिल्ली: भारतीय विमानन क्षेत्र को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और वे फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं। इस घटनाक्रम ने एविएशन इंडस्ट्री में हलचल तेज कर दी है और एयर इंडिया के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब एयर इंडिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। जून 2025 में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने एयरलाइन की साख को गहरा झटका दिया था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद एयरलाइन को सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था को लेकर कड़ी जांच का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही बढ़ती ईंधन कीमतें, नए विमानों की डिलीवरी में देरी और लगातार बढ़ता वित्तीय घाटा भी कंपनी के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं। टाटा समूह ने 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण करते समय बड़े बदलावों की उम्मीद जताई थी और विल्सन को जुलाई 2027 तक के अनुबंध पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अपेक्षित गति से सुधार नहीं हो सका।
इस बीच विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है। एयर इंडिया की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी इंडिगो में भी हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है, जहां सीईओ पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद नए नेतृत्व की नियुक्ति की गई है। ऐसे में एयर इंडिया के सामने न केवल अपनी साख सुधारने बल्कि बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की भी चुनौती है। कैंपबेल विल्सन, जो पहले सिंगापुर एयरलाइंस की सहायक कंपनी स्कूट का नेतृत्व कर चुके हैं, नए सीईओ के चयन तक अपने पद पर बने रहेंगे। टाटा समूह अब ऐसे अनुभवी नेतृत्व की तलाश में है जो एयरलाइन को परिचालन, सुरक्षा और वित्तीय मोर्चे पर मजबूती दे सके।