एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने वायु सेना के नए उप-प्रमुख का पदभार संभाला

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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने वायु सेना के नए उप-प्रमुख का पदभार संभाला

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 02:38 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 02:38 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ‘चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ’ के रूप में कार्य कर चुके एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बुधवार को वायु सेना के नए उप-प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया।

उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो भारतीय वायु सेना में चार दशकों की सेवा के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए।

एयर मार्शल दीक्षित को वायु सेना के नए उप-प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने पर वायु सेना मुख्यालय ‘वायु भवन’ में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। समारोह से पहले दीक्षित ने राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचकर सशस्त्र बलों के शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उप-प्रमुख नियुक्त होने से पहले, वह यहां मुख्यालय ‘इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ’ (एचक्यू आईडीएस) में ‘चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ’ (सीआईएससी) के रूप में कार्यरत थे।

एयर मार्शल दीक्षित ने एक मई 2025 को सीआईएससी के रूप में पदभार ग्रहण किया था, जिस पर वह 30 जून तक रहे।

एचक्यू आईडीएस ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस मुख्यालय में उनके कार्यकाल के दौरान एकीकृत रक्षा व्यवस्था को नयी दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से निर्णायक अभियान साबित हुआ।’’

इसने कहा, ‘‘उनके नेतृत्व में तीनों सेनाओं के विचारों को संस्थागत स्वरूप देने वाले 20 संयुक्त सिद्धांतों और संदर्भ पुस्तिकाओं को जारी किया गया। उन्होंने ‘रण संवाद-2025’ और ‘रण संवाद-2026’ जैसी अभूतपूर्व सैन्य संवाद पहल की परिकल्पना की, वर्ष 2025 और 2026 में संयुक्त कमांडर सम्मेलनों का सफल समन्वय किया तथा ‘रक्षा बल दृष्टिकोण-2047’ के प्रारूप को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई-जो प्रौद्योगिकी आधारित, एकीकृत और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सशस्त्र बलों की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाला परिवर्तनकारी दस्तावेज है।”

पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में सशस्त्र बलों ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था। सैन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अक्सर उस एकीकरण पर जोर दिया है जो तीनों सेनाओं ने इस सैन्य कार्रवाई के दौरान प्रदर्शित किया था।

एयर मार्शल दीक्षित दिसंबर 1986 में भारतीय वायु सेना की ‘लड़ाकू शाखा’ में शामिल हुए थे। वह खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश स्थित ‘डिफेंस सर्विसेज स्टाफ’ महाविद्यालय तथा नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।

रक्षा मंत्रालय ने पहले बताया था कि एयर मार्शल दीक्षित एक ‘कुशल उड़ान प्रशिक्षकर और परीक्षण पायलट हैं, जिन्हें मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर समेत 20 से ज़्यादा तरह के विमान उड़ाने का 3,300 घंटे से ज़्यादा का अनुभव है।’’

अधिकारियों के अनुसार, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह अगले सीआईएससी के रूप में पदभार संभालेंगे।

भाषा खारी वैभव

वैभव