लखनऊ, 14 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को आयोजित परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया था- “अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें।” इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे- पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। प्रश्न के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई गई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।
राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न में दिए गए विकल्पों पर सरकार को गंभीर आपत्ति है और इसे संज्ञान में लिया गया है।
पाठक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है। सरकार ने गंभीरता से इस मामले को संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।”
प्रश्नपत्र में यह प्रश्न पूछा गया कि ”अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें और इसके लिए चार विकल्प दिए गये।” विकल्प में एक-पंडित, दो-अवसरवादी, तीन-निष्कपट और चार-सदाचारी चुनने का मौका दिया गया।
इस पर ‘पंडित’ विकल्प को लेकर सत्ताधारी भाजपा के भीतर से ही आपत्तियां उठने लगी हैं। शनिवार, 14 मार्च को यह परीक्षा आयोजित की गई।
ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखने वाले भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रश्न पर आपत्ति जताई है और प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अपने पत्र में मिश्रा ने कहा कि प्रश्न गलत तरीके से तैयार किया गया और असंवेदनशील प्रतीत होता है।
मिश्रा ने कहा, ‘‘ अवसर के अनुसार रूप बदलने वाले व्यक्ति का सही अर्थ ‘अवसरवादी’ है, लेकिन विकल्पों में ‘पंडित’ को शामिल करना एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। ‘पंडित’ शब्द ज्ञान और धार्मिक सम्मान से जुड़ा है। इसे अवसरवादिता से जोड़ना अनुचित, असंवेदनशील और जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है।’’
भाजपा सचिव मिश्रा ने कहा, ”यह न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है, बल्कि सरकार की छवि को धूमिल करने, जातीय तनाव पैदा करने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास भी लगता है।”
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि प्रश्न तैयार करने और पेपर सेट करने वाली समिति के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही इस प्रश्न को आधिकारिक रूप से निरस्त करने और भविष्य में सामाजिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है। सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।”
पाठक ने पोस्ट में कहा, “मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
पाठक ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
भाषा
आनन्द रवि कांत