अजित पवार की मृत्यु: बेंगलुरु में ‘जीरो एफआईआर दर्ज’

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अजित पवार की मृत्यु: बेंगलुरु में 'जीरो एफआईआर दर्ज'

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 09:55 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 09:55 PM IST

बेंगलुरु, 24 मार्च (भाषा) बेंगलुरु पुलिस ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में विमान दुर्घटना में हुई मौत के संबंध में उनके भतीजे रोहित पवार की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया है।

रोहित पवार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह हादसा उनके चाचा को खत्म करने की ‘एक बड़ी आपराधिक साजिश’ का परिणाम थी।

महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती हवाई अड्डे के पास 28 जनवरी को वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बॉम्बार्डियर लेयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पवार की मृत्यु हो गई।

विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और उसमें अजित पवार और चार अन्य लोग सवार थे, जिनकी इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

शिकायत के आधार पर, हाई ग्राउंड्स पुलिस ने ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज किया जा सकता है, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘हमने जीरो एफआईआर दर्ज करके जांच के लिए इसे महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया है।’

रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने इससे पहले 25 फरवरी को मरीन ड्राइव पुलिस थाना और 26 फरवरी को बारामती पुलिस थाने को शिकायत दी थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बाद में पुणे सीआईडी ​​ने उन्हें बताया कि वे केवल दुर्घटनावश मृत्यु के पहलू की जांच कर रहे हैं।

शिकायत में लिखा है, ‘शिकायतकर्ता का कहना है कि यह घटना उपमुख्यमंत्री को खत्म करने के उद्देश्य से रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का नतीजा थी।’

रोहित पवार ने दावा किया कि विमानन सुरक्षा नियमों का ‘व्यवस्थित उल्लंघन’, अभिलेखों में जानबूझकर हेराफेरी, रखरखाव और संचालन में घोर लापरवाही और आचरण का एक ऐसा स्वरूप था, जिसके कारण यह घटना घटी।

उनके अनुसार, 24 फरवरी को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अपनी सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में ‘घोषित और स्वीकार किया’ कि वीएसआर कंपनी का विमान ‘‘हवाई उड़ान के लिए सुरक्षित नहीं था’’ और इसलिए चार्टर विमान दुर्घटना की डीजीसीए जांच के तहत विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि विमान वीटी-एसएसके को अनिवार्य सुरक्षा मानकों का व्यवस्थित उल्लंघन करते हुए संचालित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय, विमान लगभग 4,915 उड़ान घंटे पूरे कर चुका था और अनिवार्य इंजन ओवरहाल (टीबीओ) सीमा 5,000 घंटे तक पहुंचने में केवल लगभग 85 घंटे शेष थे।

रोहित पवार ने कहा, ‘इस सीमा के खतरनाक रूप से करीब संचालन के बावजूद, वीएसआर ने विमान को वाणिज्यिक संचालन के लिए तैनात करना जारी रखा, जिससे चालक दल और यात्रियों को यांत्रिक खराबी का अत्यधिक खतरा बना रहा।’

उन्हें संदेह था कि विमान ने वास्तव में 8,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी होगी, जो उसकी प्रमाणित सुरक्षित परिचालन सीमा से कहीं अधिक है।

रोहित पवार ने कहा, “उड़ान डेटा को जानबूझकर छिपाना और गलत तरीके से प्रस्तुत करना वैधानिक रखरखाव अभिलेखों में हेराफेरी के बराबर है और विमानन सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है, जैसा कि शिकायत में उल्लिखित किया गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि “इस तरह के फर्जीवाड़े’ ने एक असुरक्षित विमान के वाणिज्यिक संचालन को जारी रखने की अनुमति दी।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप