नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि 13 मई से 2 अगस्त के बीच सोना, चांदी और प्लेटिनम पर सीमाशुल्क के तौर पर 10,463 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
सोना और चांदी पर आयात शुल्क 13 मई से 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत और प्लेटिनम पर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया था। इसके साथ ही सोना और चांदी की छड़ (कच्चा सोना/चांदी), सिक्कों जैसी अन्य चीजों के संबंध में भी बदलाव किए गए थे।
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने 13 मई से 2 अगस्त के बीच सोने पर सीमा शुल्क के तौर पर 10,040 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं।
इस दौरान चांदी और प्लेटिनम पर सीमाशुल्क के तौर पर क्रमशः 328 करोड़ रुपये और 95 करोड़ रुपये संग्रहित हुए।
कुल मिलाकर, इस अवधि के दौरान इन तीनों कीमती धातुओं से सीमा शुल्क के तौर पर कुल 10,463 करोड़ रुपये संग्रहित हुए।
चौधरी ने कहा कि 13 मई से 30 जून के बीच 161 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त किया गया और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार ने 13 मई को सोना, चांदी और प्लेटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाया था ताकि गैर-जरूरी आयात को रोका जा सके और कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चा माल और ‘कैपिटल गुड्स’ जैसे आवश्यक आयात के लिए विदेशी मुद्रा को प्राथमिकता दी जा सके।
पश्चिम एशिया में युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों व उर्वरक की कीमतें बढ़ गई थीं।
चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के नाते, भारत में सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग पर निर्भर करता है। ऐसे आयात में विदेशी मुद्रा का काफी बड़ा हिस्सा विदेश चला जाता है।
भाषा वैभव सुभाष
सुभाष