अमृतसर, 20 जून (भाषा) अकाल तख्त ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक वीडियो जारी किया।
यह वीडियो इस साल जनवरी का है, जब मान सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ के सामने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में पेश हुए थे।
यह घटनाक्रम उस कथित वीडियो को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आया है, जिसके आधार पर अमृतसर में अकाल तख्त ने 15 जून को मान के खिलाफ आदेश जारी किया था।
यह मामला तब शुरू हुआ जब अकाल तख्त ने इस साल जनवरी में मान को तलब किया था।
मान पर गुरुद्वारे के दान पात्र के बारे में टिप्पणी करने और एक कथित वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं व मारे गए उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ ‘आपत्तिजनक गतिविधियों’ में शामिल होने का आरोप था।
अकाल तख्त ने यहां जारी एक बयान में कहा कि जब मुख्यमंत्री 15 जनवरी को उनके खिलाफ सुने जा रहे विभिन्न मामलों के संबंध में अकाल तख्त साहिब में पेश हुए थे, तब उन्होंने आपत्तिजनक वीडियो से जुड़े मामले पर बात की थी और कहा था, ‘यह पूरी तरह फर्जी है’।
बयान के अनुसार, मान ने कहा था कि वह खुद चाहते हैं कि वीडियो की जांच कराई जाए और वह फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के पते भी उपलब्ध करा सकते हैं।
उन्होंने कहा था कि यह कृत्रिम मेधा (एआई) का दौर है, केवल उनके ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के भी एआई के जरिये वीडियो तैयार किए गए हैं। मान ने कहा था कि यह उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से किया गया ‘झूठा प्रचार’ है।
वहीं, मान के खिलाफ आदेश जारी होने के बाद विपक्षी दल लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
बयान में बताया गया कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मान से कहा था कि वह दो सरकारी फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नाम उपलब्ध कराएं, जहां वीडियो की जांच की जा सके।
मुख्यमंत्री ने जांच कराने पर सहमति जताई थी।
गड़गज ने कहा था कि यह मामला गुरुओं से जुड़ा हुआ है और अगर वीडियो फर्जी भी साबित होता है, तो भी किसी के चरित्र का हनन नहीं किया जाना चाहिए। जत्थेदार ने कहा था कि वीडियो असली है या नकली, इसका पता केवल फोरेंसिक जांच के माध्यम से ही लगाया जा सकता है।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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