कोच्चि, 13 अगस्त (भाषा) एसएफआई कार्यकर्ता अभिमन्यु की हत्या के मामले में एर्णाकुलम जिला और सत्र अदालत के आदेश के बाद सभी आरोपी बृहस्पतिवार को अदालत में पेश हुए।
जिला और सत्र न्यायाधीश के.के. बालकृष्णन ने हाल में यह निर्देश जारी किया था। यह निर्देश तब दिया गया जब प्रतिबंधित इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ और उसके छात्र संगठन ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ से जुड़े कुछ आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए, जबकि अदालत उस समय मुकदमे की सुनवाई की तारीख तय करने पर विचार कर रही थी।
यहां के महाराजा कॉलेज में बीएससी रसायन विज्ञान के छात्र और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) के कार्यकर्ता अभिमन्यु की जुलाई 2018 में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
पिछली दो सुनवाई में आरोपियों के पेश न हो पाने के बाद अदालत ने यह निर्देश जारी किया।
बृहस्पतिवार को अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत एक अतिरिक्त आरोप पढ़कर सुनाया, जो जान-बूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित है तथा सभी 16 आरोपियों ने इस आरोप से इनकार किया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख तय की।
हाल में, केरल उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि इस मामले की सुनवाई चार महीने के भीतर पूरी की जाए।
इससे पहले, आरोपियों पर हत्या, खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी, सबूत नष्ट करने, दंगा करने और गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने के आरोप तय किए गए थे।
बाद में अभियोजन पक्ष ने उन पर भादंसं की धारा 323 के तहत भी आरोप जोड़े।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह हत्या कथित तौर पर ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ और पीएफआई के सदस्यों ने की थी। यह घटना कॉलेज में नए छात्रों के स्वागत के लिए अभिमन्यु द्वारा बनाए गए कथित भित्तीचित्र को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।
भाषा प्रशांत माधव
माधव