नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) द्वारा ई-फार्मेसी के खिलाफ देशव्यापी बंद के आह्वान के बावजूद, देशभर में सभी प्रमुख फार्मेसी श्रृंखलाएं, अस्पताल-आधारित मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी स्टोर 20 मई को खुले रहेंगे। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि इसके अतिरिक्त कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संघ पहले ही प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बाहर रहने का निर्णय कर चुके हैं।
यह कदम एआईओसीडी के प्रतिनिधियों द्वारा हाल ही में राष्ट्रीय औषधि नियामक से मुलाकात करने और ई-फार्मेसी के कामकाज और विनियमन से संबंधित चिंताओं को प्रस्तुत करने के बाद उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नियामक ने उन्हें आश्वासन दिया कि उठाए गए मुद्दों की सक्रिय रूप से समीक्षा की जा रही है और खुदरा फार्मेसी हितधारकों की वैध चिंताओं को दूर करने के लिए इस क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे की पड़ताल की जा रही है।
पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, लद्दाख, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम और उत्तराखंड के खुदरा फार्मेसी संघों ने स्वेच्छा से लिखित आश्वासन दिया है कि वे हड़ताल में भाग नहीं लेंगे और प्रस्तावित हड़ताल वाले दिन जनता को दवाओं की उपलब्धता में कोई बाधा नहीं आने देंगे।
उनके अनुसार, देशभर के कई खुदरा फार्मेसी संघों ने जनहित और दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है।
एआईओसीडी ने हड़ताल का आह्वान कथित तौर पर ई-फार्मेसी के संचालन से संबंधित चिंताओं के चलते किया था।
एक सूत्र ने कहा, ‘केमिस्ट की दुकानों के कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा से मरीजों, विशेष रूप से जीवन रक्षक और आवश्यक दवाओं तक नियमित पहुंच पर निर्भर समूहों को गंभीर असुविधा हो सकती है, साथ ही महत्वपूर्ण मेडिकल आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है।’
सूत्रों ने बताया कि इसे समझते हुए कई खुदरा फार्मेसी संघों ने स्थिति की समीक्षा की और नियामक की रचनात्मक प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।
भाषा अमित नरेश
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