Amit Shah Big Declaration for Bastar || AI Generated File
रायपुर: तीन दिनों के छत्तीसगढ़ और बस्तर प्रवास पर पहुँच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पहुंचकर कई कार्यक्रमों में शिरकत की। माओवाद के आतंक से मिली मुक्ति के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा था। (Amit Shah Big Declaration for Bastar) उजर बस्तर के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत गृहमंत्री शाह ने शहीद पुलिस जवानों के परिवारों से भेंट की साथ ही उन्होंने बस्तर के लोककला को भी करीब से देखा और समझा। इससे पहले शाह ने 18 मई को रायपुर में डायल-112 इमरजेंसी सेवाओं का उद्घाटन किया था।
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आज अंतिम दिन उन्होंने उन्होंने मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक की। इस बैठक में तीन राज्य के सीएम विष्णुदेव साय, उत्तराखंड के मुखिया पुष्कर सिंह धामी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। फ़िलहाल सभी कार्यक्रमों के संपन्न होने के बाद गृहमंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए है। अपने रवानगी से पहले केंद्रीय गृहमंत्री ने एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित भी किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों की बहादुरी और बलिदान की वजह से भारत तय समय से पहले ही नक्सल मुक्त हो गया है। अब बस्तर के लोग बिना डर के जीवन जी रहे हैं। (Amit Shah Big Declaration for Bastar) उन्होंने कहा कि बंदूक और डर के साये में रहने का दौर खत्म हो चुका है और बस्तर अब खुलकर सांस ले रहा है। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2024 को यह लक्ष्य रखा गया था कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा। लेकिन सुरक्षा बलों के साहस और कार्रवाई की वजह से यह लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को BJP की सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज हुआ। शाह ने कहा कि कुछ लोग मानते थे कि विकास की कमी से नक्सलवाद फैला, लेकिन सच यह है कि नक्सलवाद की वजह से विकास रुक गया था। अब बस्तर में शांति के साथ विकास का नया दौर शुरू होगा।
जिस बस्तर में कभी लाल आतंक का साया था, आज वहीं जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होना सभी के लिए गौरव का विषय है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच आज किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रह गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ… pic.twitter.com/vF8sl4nqsa
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2026
इस प्रेसवार्ता में अमित शाह ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में सहयोग नहीं किया। 24 अगस्त 2024 को नक्सल खात्मे की डेडलाइन तय की गई। 31 मार्च 2026 की तारीख महत्वपूर्ण थी। 19 मई 2026 (आज) का भी बहुत महत्व है। (Amit Shah Big Declaration for Bastar) विकास यहां न पहुंचने का कारण नक्सलवाद था। देश के कई पिछड़े हिस्से समय के साथ आगे बढ़े, लेकिन नक्सल प्रभावित बस्तर पीछे रह गया। 19 मई 2026 को बस्तर के समग्र विकास परियोजना को लॉन्च किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए बस्तर में सुरक्षाबलों के 200 कैंप स्थापित किए गए थे। इनमें से 70 कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कैंपों को विकास डेरा में तब्दील करेंगे। बैंकिंग जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।
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गृह मंत्री ने बताया कि अब बस्तर के विकास के लिए “शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा” योजना शुरू की गई है। इसके तहत सुरक्षा बलों के 200 कैंपों में से पहले चरण में 70 कैंपों को जनसुविधा केंद्र में बदला जाएगा। इन केंद्रों के जरिए लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। (Amit Shah Big Declaration for Bastar) सेवा डेरा के माध्यम से स्वावलम्बन और सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए गृहमंत्री शाह ने ऐलान किया कि, (Amit Shah Big Declaration for Bastar) वह बस्तर के हर आदिवासी नागरिक को एक गाय और एक बैल देने वाले है ताकि कोऑपरेटिव तरीके से वे अपने दुग्ध उत्पादों का पूरे भारत में मार्केटिंग कर पीएं, उनका विक्रय कर पाएं।
Addressing a Press Conference in Jagdalpur, Chhattisgarh.#NaxalMuktVikasYuktCG https://t.co/SB4rutvbig
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2026
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