प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन से परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय बनेगी: मणिपुर के मुख्यमंत्री

प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन से परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय बनेगी: मणिपुर के मुख्यमंत्री

प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन से परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय बनेगी: मणिपुर के मुख्यमंत्री
Modified Date: July 31, 2026 / 10:12 am IST
Published Date: July 31, 2026 10:12 am IST

इंफाल, 31 जुलाई (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन के लिए लाए गए विधेयक का पारित होना एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है तथा यह लाखों छात्रों की आकांक्षाओं की रक्षा करेगा।

‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के बहिर्गमन के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। लोकसभा ने इस विधेयक को बुधवार को ही पारित कर दिया था।

मुख्यमंत्री सिंह ने बृहस्पतिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस विधेयक के पारित होने को ‘‘एक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम’’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सुधार परीक्षाओं की शुचिता को मजबूत करता है और लाखों छात्रों की आकांक्षाओं की रक्षा करता है।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने शिक्षा तंत्र को लगातार मजबूत कर रहा है।

संशोधित विधेयक के तहत परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल व्यक्तियों को न्यूनतम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी


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