बगावत की अटकलें तेज होने के बीच शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं में बेचैनी

बगावत की अटकलें तेज होने के बीच शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं में बेचैनी

बगावत की अटकलें तेज होने के बीच शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं में बेचैनी
Modified Date: June 17, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: June 17, 2026 12:38 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 17 जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र की परभणी, हिंगोली और धाराशिव लोकसभा सीट के पार्टी कार्यकर्ता घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

संभावित दलबदल की अटकलें तेज होने से कार्यकर्ताओं में उत्सुकता के साथ बेचैनी भी है।

हालांकि, हिंगोली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनके सांसद नागेश बापुराव पाटिल आष्टिकर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले खेमे के साथ बने रहेंगे और पाला नहीं बदलेंगे।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया था कि विपक्षी शिवसेना (उबाठा) संकट का सामना कर रही है और उसके नौ लोकसभा सदस्यों में से ‘‘छह से सात’’ सदस्य शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं तथा नयी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

शिवसेना (उबाठा), पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना द्वारा कथित रूप से ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाए जाने की अटकलों को तवज्जो नहीं देने की कोशिश कर रही है।

अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न बाघ था, जिसे पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे ने बनाया था।

शिवसेना (उबाठा) ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मराठवाड़ा की आठ में से चार सीट पर चुनाव लड़ा था। इनमें से तीन सीट पर संजय जाधव (परभणी), नागेश पाटिल आष्टिकर (हिंगोली) और ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव) ने जीत हासिल की थी।

शिवसेना (उबाठा) की परभणी जिला इकाई के अध्यक्ष रवि धर्मे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सांसद संजय जाधव ढाई महीने से पार्टी से दूर हैं। फिलहाल हमारा उनसे संपर्क नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जाधव आखिरी बार पार्टी पदाधिकारियों के साथ आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार विवेक नावंदर का नामांकन दाखिल करने आए थे। उन्होंने पहले एक बार मुझसे पाला बदलने के बारे में पूछा था लेकिन मैंने उनसे कहा था कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मैं उनके साथ नहीं हूं।’’

शिवसेना (उबाठा) की हिंगोली जिला इकाई के अध्यक्ष संदेश देशमुख ने दावा किया कि सांसद आष्टिकर पाला नहीं बदलेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी उनसे कल शाम करीब चार बजे बात हुई थी। वह दिल्ली में नहीं हैं। उनके बेटे के विधान परिषद चुनाव लड़ने के कारण वह नांदेड़ में हैं। उन्होंने मुझसे पाला बदलने के बारे में कोई बात नहीं की और मुझे लगता है कि वह किसी अन्य पार्टी में नहीं जाएंगे।’’

शिवसेना (उबाठा) की धाराशिव शहर इकाई के प्रमुख सोमनाथ गुरव ने दावा किया कि उनके सांसद निंबालकर ने पाला बदलने का कोई फैसला नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने अब तक पाला बदलने या कोई अन्य विकल्प चुनने का फैसला नहीं किया है। मेरी उनसे बात हुई है। (उनके पिता) पवनराजे निंबालकर की हत्या के मामले में कल फैसला आना था लेकिन इसे 20 जून तक टाल दिया गया।’’

गुरव ने कहा, ‘‘ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने मुझसे बात की और बताया कि वह पुणे में हैं। हमें (बगावत की) इन अटकलों के बारे में केवल खबरों से पता चला है। पार्टी कार्यकर्ता भी स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।’’

उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई थी। पार्टी नेता संजय राउत ने बताया था कि सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल आष्टिकर एवं संजय देशमुख डिजिटल माध्यम से जुड़े थे और एक अन्य सांसद संजय जाधव ने ठाकरे से फोन पर बात की थी।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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