नेतृत्व विवाद के बीच तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने पार्टी के बैंक खाते पर रोक लगाने की मांग की

नेतृत्व विवाद के बीच तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने पार्टी के बैंक खाते पर रोक लगाने की मांग की

नेतृत्व विवाद के बीच तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने पार्टी के बैंक खाते पर रोक लगाने की मांग की
Modified Date: June 18, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: June 18, 2026 3:33 pm IST

कोलकाता, 18 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के खातों के संचालन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसके पीछे संगठन के अधिकार और नियंत्रण को लेकर विवाद का हवाला दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कोलकाता में बैंक की सेंट्रल प्लाज़ा शाखा के प्रबंधक को लिखा गया दो पन्ने का एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया। बैंक से इस घटनाक्रम के बारे में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला, और पत्र की सच्चाई की पुष्टि के लिए बिस्वास को किए गए फोन और भेजे गए टेक्स्ट मैसेज का भी कोई जवाब नहीं आया।

बारह जून के पत्र के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के तौर पर बिस्वास ने संबंधित बैंक से यथास्थिति बनाए रखने और विवाद के समाधान तक किसी भी निकासी या लेन-देन में बदलाव की अनुमति न देने का अनुरोध किया।

यह पत्र तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में पैदा बगावत की पृष्ठभूमि में लिखा गया है, जिसे 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

राज्य विधानसभा में, रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 58 बागी विधायकों के एक समूह ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खुद को अलग कर लिया। इस समूह को विधानसभा अध्यक्ष से प्रमुख विधायी दल के रूप में मान्यता भी मिल गई और उसने रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता निर्वाचित किया।

बागी गुट से जुड़े तृणमूल विधायक कनाईलाल अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर अरूप बिस्वास को यह अधिकार प्राप्त है कि यदि उन्हें पार्टी की निधि के दुरुपयोग की आशंका है, तो वह बैंक को पत्र लिखकर खातों में लेन-देन या उनके संचालन पर रोक लगाने का अनुरोध कर सकते हैं।’’

संबंधित बैंक को भेजे गए पत्र में, बिस्वास ने दावा किया कि पार्टी के भीतर प्रतिद्वंद्वी गुट खुद को तृणमूल कांग्रेस के वैध प्रतिनिधि और पदाधिकारी बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह अनिश्चितता पैदा हो गई है कि पार्टी के नाम पर संचालित बैंक खातों का संचालन करने का अधिकृत अधिकार वास्तव में किसके पास है।

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा


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