नई दिल्लीः Amit Shah in Parliament: महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। लोकसभा में देश के गृहमंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं। अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने कहा कि सबने बोला है कि हम इसके पक्ष में है। हम स्वागत करते हैं मगर उसको बारिकी से देखें तो इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु, का उपयोग करते साफ रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। लेकिन मैं साफ करना चाहता हूं कि ये विरोध केवल महिला आरक्षण का है। इम्पलीमेंटेशन का नहीं है। मैं जब बोलता हूं तब मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं सदन को कन्वींस करूं कि महिला आरक्षण का विरोध है। तरीकों का विरोध नहीं है। इन 3 बिलों में इसका मकसद मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। अमित शाह ने सदन में यह घोषणा की है कि आने वाला 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ होगा।
उन्होंने कहा कि परिसीमन का विरोध वास्तव में एसटी और एसटी का विरोध है। उन्होंने कहा कि 127 सीटें ऐसी हैं, जहां 20 लाख से अधिक वोटर्स हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को परिसीमन से वंचित रखा। 50 साल तक कांग्रेस ने देश को उचित प्रतिनिधित्व से वंचित रखा।
शाह ने कहा- 50 सालों तक 1976 से 2026 तक, देश की जनता को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधि नहीं मिला। 26 में सीमा खत्म के बाद परिसीमन करेंगे तो 2029 से पहले खत्म नहीं होगा और 2027 तक जनगणना के आंकड़े नहीं आ सकते। अगर हम 2029 का चुनाव नारी शक्ति के स्पिरिट से कराना चाहते हैं तो अभी लाना पड़ेगा। मुझे लगता है विपक्ष समझे हुए हैं। 76 में 56.79 करोड़ आबादी थी। आज 140 करोड़ है। तब जितने सांसद थे, विपक्ष अब भी उतने ही सांसद रखना चाहता है।.