विशाखापत्तनम, दो अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश सरकार ने यहां एक नाबालिग छात्रा की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी ।
छात्रा ने यौन उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाया था।
आंध्र प्रदेश की तकनीकी शिक्षा निदेशक सी नागरानी ने कहा कि उन्होंने घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है और उसकी रिपोर्ट का उन्हें इंतजार है।
पीड़ित छात्रा (17) ने 28 और 29 मार्च की दरम्यानी रात एक इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी, और आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी दी थी।
नागरानी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘घटना को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है और रोजाना कुछ लोगों को पुलिस स्टेशन बुलाया जा रहा है।”
उनके अनुसार, छात्रा के सात शिक्षकों में पांच महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, इनमें एक कॉलेज का प्रिंसिपल जबकि दूसरा इंजीनियरिंग ड्राइंग शिक्षक शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला सहायकों से भी पूछताछ की जा रही है और उन्हें भी जांच में शामिल किया गया है, इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज में आत्महत्या के मद्देनजर पुलिस की जांच जारी है और अभी तक उन दोषियों की पहचान नहीं हो पायी है जिन्होंने छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाया था।
विशाखापत्तनम के सहायक पुलिस आयुक्त (उत्तर) बी सुनील ने कहा कि पुलिस को मृत छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है।
सुनील ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘अब तक हमें कोई सुराग नहीं मिला है। हमारी तकनीकी टीम सभी डेटा की पड़ताल कर रही है और पेशेवरों के साथ डेटा का विश्लेषण भी कर रही है।’’
हालांकि, पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की के साथ बलात्कार नहीं हुआ था और पुलिस को अभी तक छेड़छाड़ या किसी अपमानजनक संदेश, टिप्पणी, तस्वीरें, चर्चा और अन्य के साक्ष्य नहीं मिले हैं ।
भाषा रंजन रंजन पवनेश
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