वायनाड भूस्खलन में एक और शव बरामद, लापता निर्माण प्रबंधक के रूप में हुई पहचान
वायनाड भूस्खलन में एक और शव बरामद, लापता निर्माण प्रबंधक के रूप में हुई पहचान
वायनाड (केरल), 12 जुलाई (भाषा) केरल में वायनाड के कल्लाडी स्थित सुरंग परियोजना स्थल पर सात जुलाई को हुए भूस्खलन के बाद रविवार को व्यापक तलाशी अभियान के दौरान एक और शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान इस हादसे में लापता निर्माण प्रबंधक के रूप में हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर उपसंभाग स्थित ठाकोली-गिर्थान गांव निवासी 58-वर्षीय विक्रम राणा के रूप में हुई है। राणा सुरंग परियोजना से निर्माण प्रबंधक के तौर पर जुड़े हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि नदी के किनारे चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान सुबह करीब 11.30 बजे मीनाक्षी पुल से लगभग 350 मीटर नीचे की ओर शव बरामद किया गया। इसके साथ ही भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इस हादसे के बाद राणा आखिरी ऐसे व्यक्ति थे, जिनके लापता होने की सूचना थी।
जिला प्रशासन ने एक बयान में बताया कि शव की पहचान राणा के परिजनों ने की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए वैथिरी तालुक अस्पताल भेजा गया है। इसके बाद उसे उनके पैतृक स्थान भेजे जाने से पहले सुरक्षित रखने के लिए कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया जाएगा।
यह भूस्खलन वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित अनाक्काम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर हुआ था।
हादसे के बाद, पिछले पांच दिनों से चलाए जा रहे तलाशी अभियान के बावजूद राणा का पता नहीं चल सका था, जिसके बाद रविवार को एक व्यापक अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), विशेष अभियान समूह (एसओजी), दमकल सेवा, त्वरित प्रतिक्रिया दल, वन विभाग के कर्मी और युवा स्वयंसेवी संगठन शामिल थे।
इससे पहले, दिन में केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बताया था कि भूस्खलन स्थल से लेकर मीनाक्षी नदी के निचले हिस्से तक पूरे क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है और प्रत्येक क्षेत्र में तलाशी के लिए अलग-अलग टीम तैनात की गई हैं। नदी के दोनों किनारों पर भी तलाशी ली जा रही है।
सिद्दीकी ने बताया कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद श्रमिकों से मिली जानकारी के आधार पर ऊपरी इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया।
आपदा का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ दल के पहुंचने के संबंध में सिद्दीकी ने बताया कि उसके जल्द ही मौके पर पहुंचने की संभावना है।
तलाशी अभियान के मद्देनजर मेप्पाडी-चूरलमाला मार्ग पर सुबह आठ बजे से दोपहर तक यातायात प्रतिबंध लागू रहे।
इस बीच, राज्य के पुलिस प्रमुख रवाडा ए. चंद्रशेखर भूस्खलन स्थल पर पहुंचे और तलाशी अभियान तथा घटना की जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कृषि मंत्री सिद्दीकी के साथ एक बैठक भी की।
पुलिस ने बताया कि सभी अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद तलाशी अभियान को समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन से प्रभावित सड़क से मलबा हटाने का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।
भाषा
प्रचेता सुरेश
सुरेश

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