भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने फॉर्मूला ई रेस मामले में के. टी. रामा राव, 3 अन्य लोगों के पासपोर्ट मांगे

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भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने फॉर्मूला ई रेस मामले में के. टी. रामा राव, 3 अन्य लोगों के पासपोर्ट मांगे

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 10:15 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 10:15 PM IST

हैदराबाद, 29 सितंबर (भाषा) भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने यहां की एक अदालत में याचिका दायर कर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव और ‘फॉर्मूला ई रेस’ मामले में तीन अन्य आरोपियों को अपने पासपोर्ट पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

रामा राव के वकील जे. लक्ष्मण ने मंगलवार को बताया कि यह याचिका 26 सितंबर को दायर की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘एसीबी ने अदालत में एक अर्जी दायर करके इस मामले में रामा राव और अन्य आरोपियों के पासपोर्ट पेश करने का अनुरोध किया है। यह याचिका अभी अदालत में जांच-पड़ताल के चरण में है। हमें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस जारी होने के बाद, हम इसका जवाब दाखिल करेंगे।’’

लक्ष्मण ने यह भी स्पष्ट किया कि रामा राव का पासपोर्ट जब्त नहीं किया गया है।

तेलंगाना एसीबी ने दिसंबर 2024 में पूर्व मंत्री रामा राव (जिन्हें आरोपी संख्या 1) बनाया गया है, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण पूर्व मुख्य अभियंता बीएलएन रेड्डी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया, जिसमें आपराधिक गबन, विश्वासघात और साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।

यह जांच पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के समय फॉर्मूला ई रेस से जुड़े भुगतान में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसमें तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए लगभग 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, जिसमें से ज़्यादातर विदेशी मुद्रा में था।

फॉर्मूला ई रेस का पहला आयोजन फरवरी 2023 में हैदराबाद में हुआ था, जबकि 2024 के लिए तय दूसरा संस्करण दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद रद्द कर दिया गया था।

रामा राव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘‘रेस आयोजकों को रकम हस्तांतरित करने का निर्णय हैदराबाद की छवि को बेहतर बनाने के लिए लिया गया था और इसमें कोई भ्रष्टाचार शामिल नहीं था।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव