उत्तरी एमसीडी के स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सो को समय पर वेतन के लिए अदालत में अर्जी

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उत्तरी एमसीडी के स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सो को समय पर वेतन के लिए अदालत में अर्जी

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  • Publish Date - September 10, 2020 / 10:47 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनएमसीडी) के स्वास्थ्य केंद्रों, प्रसूति गृहों और बाल कल्याण केंद्रों में कार्यरत नर्सों को समय पर वेतन भुगतान के अनुरोध वाली याचिका पर बृहस्पतिवार को आप सरकार और एनएमसीडी से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार और एनआरडीएमसी को नोटिस भेजकर याचिका पर उनका रुख पूछा। याचिका में निगम द्वारा भर्ती ‘‘सहायक नर्स मिडवाइफ, महिला स्वास्थ्य विजिटरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य नर्सों को समय पर वेतन भुगतान में अनियमितता’’ का आरोप लगाया गया है।

याचिका में दावा किया गया है कि सहायक नर्स मिडवाइफ, महिला स्वास्थ्य विजिटरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य नर्सों को मई के बाद से उनका वेतन नहीं मिला है।

पंजीकृत श्रमिक संगठन ‘हॉस्पिटल एम्प्लॉइज यूनियन’ ने याचिका में दावा किया कि कोविड-19 के प्रकोप के बीच नर्सें आगे से आगे रहकर सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उनकी पगार का समय पर भुगतान नहीं किया गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस से संक्षिप्त सुनवाई के दौरान विभिन्न श्रेणियों के एमसीडी कर्मचारियों के वेतन का कथित भुगतान नहीं होने के अनेक मामले लिये गये। इस दौरान अदालत ने कहा कि प्रत्येक मामले में निगमों ने वेतन का भुगतान नहीं होने के अनेक कारण दिये हैं।

भाषा

मानसी दिलीप

दिलीप