चंडीगढ़, 24 जुलाई (भाषा) मोहाली की एक अदालत ने वर्ष 2021 में हुई हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले का खुलासा मृतक के पालतू कुत्ते की मदद से हुआ था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विक्रांत कुमार की अदालत ने मोहाली के परोल गांव निवासी जगीर सिंह को जून 2021 में छोटी बड़ी नांगल गांव के बकरी पालक सुच्चा सिंह की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इस मामले के दो अन्य आरोपी देसराज और सतनाम सिंह को अदालत ने बरी कर दिया।
अदालत ने अभियोजन पक्ष का मृत्युदंड देने का अनुरोध भी यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मामला ‘‘दुर्लभ’’ श्रेणी में नहीं आता।
न्यायाधीश ने 17 जुलाई को आरोपी को दोषी ठहराया था और 22 जुलाई को सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुच्चा सिंह 12 जून, 2021 को बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद वह लापता हो गए।
परिजनों को पता चला कि जगीर सिंह उन्हें बकरियों का बाड़ा बनवाने के लिए अपने घर ले गया था। जब सुच्चा सिंह शाम तक घर नहीं लौटे तो जगीर ने परिवार को बताया कि वह देसराज के साथ चले गए हैं।
इसके बाद भी सुच्चा सिंह के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
परिवार ने एक सप्ताह से अधिक समय तक अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 20 जून, 2021 को परिजन अपने पालतू कुत्ते ‘रॉकी’ को साथ लेकर जगीर सिंह के फार्महाउस पहुंचे।
तलाशी के दौरान ‘रॉकी’ एक छोटे गड्ढे के पास जाकर रुक गया। परिजनों ने वहां खुदाई की तो उन्हें सुच्चा सिंह की टी-शर्ट मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसी स्थान से सुच्चा सिंह का सिर कटा शव बरामद किया गया।
परिजनों का आरोप था कि जगीर सिंह ने दो बकरियां और चार मेमने खरीदने के एवज में सुच्चा सिंह से 40,000 रुपये लिए थे जो सुच्चा सिंह ने वापस मांगे थे और इसी कारण उनकी हत्या की गई।
पुलिस ने इस मामले में जगीर सिंह, सतनाम सिंह और देसराज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि मृतक की पत्नी सुनीता देवी को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
भाषा मनीषा नेत्रपाल
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