सेना और लद्दाख प्रशासन ने नाजुक पारिस्थितिकी और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

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सेना और लद्दाख प्रशासन ने नाजुक पारिस्थितिकी और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 09:04 PM IST

लेह/जम्मू, तीन मार्च (भाषा) सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ और लद्दाख प्रशासन ने मंगलवार को क्षेत्र के नाजुक उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने तथा हिम तेंदुआ सहित प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि इस एमओयू पर विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर उधमपुर स्थित सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग के बीच ‘ग्लोबल स्नो लेपर्ड एंड इकोसिस्टम प्रोटेक्शन (जीएसएलईपी)’ कार्यक्रम के तहत हस्ताक्षरित किया गया।

समझौते पर ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला और लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

प्रवक्ता ने इस पहल को “वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि यह साझेदारी लद्दाख के उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसकी समृद्ध जैव विविधता और नाजुक पारिस्थितिकी को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराती है।

सहयोग के तहत हिम तेंदुआ, हिमालयी भेड़िया, ‘भरल’ (नीली भेड़), आइबेक्स, मार्मोट और काली गर्दन वाले सारस जैसी प्रमुख प्रजातियों के संरक्षण तथा उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भाषा

दिलीप संतोष

संतोष