जबलपुर। हनी ट्रैप और सेना के हाईली कांफिडेंशियल जानकारी लीक करने के मामले में शक की बुनियाद पर लखनऊ कमांड हैडक्वाटर के इंटेलिजेंस ब्यूरों द्वारा जबलपुर के 506 आर्मी बेस वर्कशॉप से गिरफ्त में लिए गए लेफ्टिनेंट कर्नल (रमनीत सिंह) से पूछताछ में लेफ्टिनेंट कर्नल ने कई हाईली कांफिडेंशियल दस्तावेज देश के बाहर भेजने की बात का खुलासा किया है, आर्मी सूत्रों के मुताबिक बीते 24 घंटो की खोजबीन में कुछ और भी गंभीर खुलासे हुए है। जिसके बाद लेफ्टिनेंट कर्नल (रमनीत सिंह) के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क सहित लेपटॉप और मोबाइल को मिलिट्री इंटेलिजेंस यानी एमआई द्वारा फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
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जहां इस बात की तस्दीक की जाएगी की लेफ्टिनेंट कर्नल की मेल आई डी से कितने मेल भेजे गए है और उन्होंने कितने मेल रिसीव किये है। साथ ही लेफ्टिनेंट कर्नल के जप्त किये गए मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन भी निकाला जा रहा है। ताकि जांच टीम को ये पता चल सके कि जब लेफ्टिनेंट कर्नल डाउटफुल कनेक्टिविटी से जुड़े उस वक्त वह अपने दफ्तर में थे या फिर घर पर, सूत्रों के मुताबिक आर्मी के लखनऊ कमांड हैडक्वाटर ने अनौपचारिक तौर पर कहा है कि प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे सुराग उनके हाथ लगे है, जिनके आधार पर छानबीन को और आगे बढाया जा रहा है। जबलपुर 506 वर्कशॉप से जप्त किये गए उपकरणों को प्रयोगशाला भेजा गया है, वहीं इस मामले में जबलपुर में सेना की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया मामले पर नहीं आई है और न ही सेना का कोई भी अधिकारी इस मामले में आधिकारिक तौर पर बात करने को तैयार है।
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आपको बता दे कि इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा हनीट्रैप से संबंधित जारी अलर्ट के बाद दो दिन पहले लखनऊ कमांड हैडक्वाटर के इंटेलिजेंस ब्यूरों की टीम जबलपुर पहुंची, जहां टीम ने हनी ट्रैप और सेना के हाईली कांफिडेंशियल जानकारी लीक करने के मामले में 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में गुपचुप तरीके से कार्यवाही को अंजाम दिया, रात आठ बजे के करीब सैन्य अफसरों की एक 16 सदस्सीय टीम ने इस कार्यवाई को अंजाम दिया। जिसने वर्कशॉप में बने लेफ्टिनेंट कर्नल रमनीत सिंह के दफ्तर में पूरी रात दस्तावेजों और कंप्यूटर के डेटा को खंगाला, तकरीबन 12 घंटे तक चली छानबीन के बाद कुछ फाइलों के साथ कंप्यूटर्स को जप्त किया था। जिसके बाद टीम ने लेफ्टिनेंट कर्नल रमनीत सिंह से जबलपुर में बने मध्य भारत एरिया के आर्मी हैड क्वाटर ले जाकर पूछताछ भी की।
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दरअसल लखनऊ कमांड हैडक्वाटर के इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम के रडार में आये लेफ्टिनेंट कर्नल रमनीत सिंह के अकाउंट में कुछ समय पहले लगभग एक करोड़ की राशि ट्रांसफर हुई थी, और जिस खाते से ये राशि ट्रांसफर की गई थी, वह भी शक के दायरे में है, साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि लेफ्टिनेंट कर्नल रमनीत सिंह की तरफ से कुछ हाईली कांफिडेंशियल पेपर लीक किये गए थे। जिनके नेट पर अपलोड होते ही आईबी ने अपना शिंकजा कसा और अधिकारी के खिलाफ कार्यवाई शुरू कर दी गई थी। दरअसल एक दिन पहले ही आईबी ने एक चेतावनी जारी कर कहा था कि खूबसूरत चीनी और पाकिस्तानी लड़कियों के जरिए दुश्मन देश सेना के अफसरों को हनी ट्रैप में फंसा सकता है, और सोशल मीडिया के प्लेटफार्मो फेसबुक और व्हाट्ऐप के जरिए उनसे देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर सकता है। क्योंकि हाल ही में खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ्तार किया गया था। कैप्टन मारवाह को भी हनीट्रैप के जरिए फंसाया गया था, और वह भी फेसबुक के जरिए वह दो महिलाओं के संपर्क में आया था। जिसके बाद वह खुफिया जानकारी वॉट्सएप के जरिए उन्हें भेजने लगा था।
वेब डेस्क, IBC24