अरुणाचल के मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफरों से कैमरे के जरिए यादों को संजोने का आग्रह किया
अरुणाचल के मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफरों से कैमरे के जरिए यादों को संजोने का आग्रह किया
ईटानगर, 19 अगस्त (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को फोटोग्राफरों से रोजमर्रा के पलों, परंपराओं, लोगों और स्थानों को कैमरे में कैद करते रहने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि उनका काम ऐसी यादों को संजोकर रखता है।
खांडू ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर जारी अपने संदेश में कहा कि तस्वीरों में सिर्फ चेहरों और जगहों को ही नहीं, बल्कि परंपराओं और जीवनशैली को भी सहेजकर रखने की ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए ऐसी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकता है, जिसे वे शायद कभी प्रत्यक्ष रूप से न देख पाएं।
खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “सभी फोटोग्राफरों से कहना चाहता हूं कि तस्वीरें खींचते रहें।” उन्होंने फोटोग्राफरों से अपने आसपास की दुनिया को लगातार दस्तावेज के रूप में दर्ज करते रहने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि आज जिन सामान्य पलों पर अक्सर हमारा ध्यान नहीं जाता, वे भविष्य में अनमोल यादों में बदल सकते हैं।
खांडू ने फोटोग्राफी के व्यापक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक तस्वीर “किसी चेहरे, जगह, परंपरा और जीवनशैली” को सहेजकर रख सकती है और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि फोटोग्राफी लोगों को दुनिया को अलग-अलग नजरियों से देखने का अवसर देती है।
उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने भी इस अवसर पर फोटोग्राफरों को शुभकामनाएं दीं और अरुणाचल प्रदेश की सुंदरता और विविधता की तस्वीरों को सामने लाने में उनके योगदान की सराहना की।
मीन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “विश्व फोटोग्राफी दिवस पर मैं उन सभी फोटोग्राफरों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, जो अपने कैमरे के लेंस के जरिए हमारे लोगों और स्थानों की सुंदरता, विविधता और जीवंतता को सामने लाते हैं।”
उन्होंने फोटोग्राफरों को लगातार समर्थन और प्रोत्साहन देने की अपील की।
विश्व फोटोग्राफी दिवस हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन फोटोग्राफी की कला, कौशल और महत्व को सम्मान देने के साथ-साथ लोगों, संस्कृतियों, घटनाओं और बदलते समाज को दर्ज करने में इसकी भूमिका को रेखांकित करता है।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश

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