उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता हत्याकांड के तीनों सजायाफ्ता दोषियों की जमानत अर्जी खारिज की

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता हत्याकांड के तीनों सजायाफ्ता दोषियों की जमानत अर्जी खारिज की

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता हत्याकांड के तीनों सजायाफ्ता दोषियों की जमानत अर्जी खारिज की
Modified Date: August 19, 2026 / 08:08 pm IST
Published Date: August 19, 2026 8:08 pm IST

नैनीताल, 19 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निचली अदालत से उम्रकैद की सजा पाये तीनों दोषियों–पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।

उनकी ज़मानत याचिकाओं पर विस्तार से सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति रविंद्र मैंठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने अपना फ़ैसला सुनाया।

कोटद्वार के तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पिछले साल 30 मई को तीनों को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। तीनों ने बाद में उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी और अपील लंबित रहने के दौरान ज़मानत पर रिहाई की मांग की ।

ऋषिकेश के पास वनंतरा रिज़ॉर्ट में बतौर ‘रिसेप्शनिस्ट’ काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी । बाद में 24 सितंबर को चीला नहर से उसका शव बरामद हुआ था।

पुलिस जांच में रिजॉर्ट मालिक आर्य तथा वहां काम करने वाले दो कर्मचारियों—गुप्ता और भास्कर की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया । तीनों तब से ही जेल में हैं ।

अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि घटना के संबंध में जुटाए गए सबूत मुकदमा चलाए जाने के दौरान सही ढंग से साबित हुए हैं और तीनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखने के लिए काफ़ी हैं ।

भाषा सं दीप्ति राजकुमार

राजकुमार


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