ईटानगर, 17 सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाइक ने बृहस्पतिवार को मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जन आंदोलन का आह्वान किया और कहा कि इसके दुरुपयोग को रोकने तथा नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों और समुदायों को मिलकर काम करना चाहिए।
परनाइक ने यहां लोक भवन में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का सेवन देश के सामने मौजूद सबसे गंभीर सामाजिक चुनौतियों में से एक है। उन्होंने नागरिकों से इसके शुरुआती लक्षणों के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने कहा कि इस समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका रोकथाम है। उन्होंने मादक पदार्थों की आवाजाही और वितरण पर नजर रखने के लिए प्रौद्योगिकी तथा खुफिया-आधारित निगरानी प्रणालियों के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को समाज के हर वर्ग की भागीदारी के साथ एक ‘जन आंदोलन’ बनाया जाना चाहिए। परनाइक ने कार्यक्रम में शामिल लोगों से मादक पदार्थ-मुक्त अरुणाचल प्रदेश का संदेश राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने उनसे अपनी रचनात्मकता, आवाज और नेतृत्व के जरिए दूसरों को प्रेरित करने को भी कहा।
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प्रचेता नरेश
नरेश