पटना उच्च न्यायालय ने एनसीईआरटी की पुस्तक में कथित आपत्तिजनक शब्द पर केंद्र से जवाब मांगा

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पटना उच्च न्यायालय ने एनसीईआरटी की पुस्तक में कथित आपत्तिजनक शब्द पर केंद्र से जवाब मांगा

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 08:14 PM IST

पटना, 17 सितंबर (भाषा) पटना उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक पुस्तक में कथित तौर पर ‘‘गलत, अश्लील और अपमानजनक’’ शब्द को हटाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने प्रतिवादियों के वकील से इस मामले में निर्देश प्राप्त करने तथा 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अदालत को ‘‘सुधारात्मक उपायों’’ की जानकारी देने को कहा।

यह आदेश 15 सितंबर को सोमित्र शंकर द्वारा दायर जनहित याचिका पर पारित किया गया। याचिकाकर्ता ने अदालत का ध्यान एनसीईआरटी की हिंदी भाषा की पुस्तक ‘सारंगी भाग-1’ में शामिल कविता ‘चंदा मामा दूर के’ की दूसरी पंक्ति में प्रयुक्त कथित ‘‘गलत, अश्लील और अपमानजनक’’ शब्द की ओर आकर्षित किया।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि उक्त शब्द से ‘‘समाज में महिलाओं की लज्जा भंग’’ होती है। याचिकाकर्ता ने पुस्तक में संशोधन कर उस शब्द के स्थान पर ‘गुड़’ शब्द रखने का अनुरोध किया है, ताकि पंक्ति ‘‘पूए पकाए गुड़ के’’ हो जाए।

भाषा कैलाश

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