अरुणाचल प्रदेश: कैपिटल कॉम्प्लेक्स में 12 घंटे के बंद से आम जनजीवन प्रभावित

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अरुणाचल प्रदेश: कैपिटल कॉम्प्लेक्स में 12 घंटे के बंद से आम जनजीवन प्रभावित

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  • Publish Date - December 9, 2025 / 07:32 PM IST,
    Updated On - December 9, 2025 / 07:32 PM IST

ईटानगर, नौ दिसंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में तीन संगठनों की ओर से अपनी मांगों को मानने का दबाव बनाने के लिए मंगलवार को आहूत 12 घंटे के बंद के कारण क्षेत्र में आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैपिटल कॉम्प्लेक्स में बाजार, बैंक, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी व निजी कार्यालय बंद रहे, जबकि सड़कों से वाहन भी नदारद दिखे।

कैपिटल कॉम्प्लेक्स में ईटानगर, नाहरलागुन, निरजुली और बंदेरवा इलाके शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, ईटानगर में बंद लागू करने का दबाव बनाने के दौरान कम से कम छह लोगों को हिरासत में लिया गया।

इंडिजिनस यूथ फोर्स ऑफ अरुणाचल (आईवाईएफए), अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनस यूथ ऑर्गनाइजेशन (एपीआईवाईओ) और ऑल नाहरलागुन यूथ ऑर्गनाइजेशन (एएनवाईओ) ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स में कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित मस्जिदों और मदरसों को ध्वस्त करने की मांग को लेकर इस बंद का आह्वान किया था।

तीनों संगठनों ने उन लोगों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने की भी मांग की, जिन्हें वे अवैध बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं। उन्होंने राजधानी ईटानगर में साप्ताहिक बाजारों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की।

पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) चुखु अपा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने ‘आपत्तिजनक वॉइस मैसेज’ प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने का आग्रह किया।

इनर लाइन परमिट (आईएलपी) व्यवस्था के बारे में अपा ने कहा कि पहले की खामियों के कारण कुछ लोग राज्य में अवैध रूप से काम कर रहे थे, लेकिन बाद में गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि नयी आईएलपी 3.0 प्रणाली “सभी खामियों को दूर करेगी” और निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत बनाएगी।

अपा ने कहा कि बंगाल पूर्वी सीमा विनियमन अधिनियम 1873 के तहत अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में सत्यापन और नियमित जांच जारी रहेगी।

अपा ने बताया कि पुलिस ने 8,936 लोगों का पता लगाया है, जो बिना आईएलपी या वैध दस्तावेजों के राज्य में प्रवेश कर गए थे। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के सिलसिले में 7,351 मामले औपचारिक रूप से दर्ज किए गए हैं।

भाषा यासिर पारुल

पारुल