ईटानगर, 14 जनवरी (भाषा) भारतीय सेना की तवांग ब्रिगेड ने बुधवार को पूर्व सैनिकों की निस्वार्थ सेवा और सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में ‘पूर्व सैनिक दिवस’ मनाया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
तवांग युद्ध स्मारक पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और ‘वीर नारियों’ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे भारतीय सेना और उसके पूर्व सैनिकों के बीच अटूट संबंध की पुष्टि होती है।
तवांग ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर भूपाल सिंह ने वयोवृद्ध पूर्व सैनिक कोंचो दोरजी लामा के साथ युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि के जरिये भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता (विशेष रूप से पूर्वी हिमालय के दुर्गम इलाके) की रक्षा के लिए किए गए बलिदानों को नमन किया गया।
संवाद सत्र के दौरान पूर्व सैनिकों ने अपने विशिष्ट सैन्य करियर के प्रेरक अनुभव साझा किए।
पूर्व सैनिक एनके टी दोरजी, जो ऑपरेशन विजय (1999) के दौरान तुरतुक सेक्टर में तैनात रहे, को सम्मानित किया गया। तवांग जिले के श्यो गांव के निवासी दोरजी सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्राम-आधारित पर्यावरण पर्यटन को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं।
एक अन्य पूर्व सैनिक, तवांग जिले के गोमकांग गांव के एनबी सब त्सेरिंग टॉपग्याल को सेवानिवृत्ति के बाद औषधीय पौधों और दुर्लभ प्रजातियों की खेती के प्रति उनके समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
भाषा संतोष पवनेश
पवनेश