अरुणाचल प्रदेश: उपराष्ट्रपति से मिलने का समय न मिलने पर कांग्रेस ने दर्ज कराया विरोध
अरुणाचल प्रदेश: उपराष्ट्रपति से मिलने का समय न मिलने पर कांग्रेस ने दर्ज कराया विरोध
ईटानगर, नौ सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के राज्य दौरे के समय उनसे मिलने का मौका न दिए जाने पर बुधवार को कड़ा विरोध जताया। पार्टी का दावा है कि उसे सीमा सुरक्षा, संवैधानिक सुरक्षा उपाय और बड़ी बांध परियोजनाओं के विरोध सहित राज्य से जुड़े छह प्रमुख मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने से रोका गया।
पार्टी ने कहा कि उसने चार सितंबर को मुख्य सचिव के माध्यम से उपराष्ट्रपति से मिलने का औपचारिक समय मांगा था, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।
अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष बोसीराम सिरम ने एक बयान में मुलाकात की अनुमति न दिए जाने को ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी को जनता की चिंताओं को उपराष्ट्रपति के सामने रखने से इस तरह कैसे रोका जा सकता है।
कांग्रेस ने सशस्त्र बलों में स्थानीय युवाओं की भर्ती बढ़ाने के लिए एक समर्पित ‘अरुणाचल रेजीमेंट’ के गठन की मांग की।
पार्टी ने सीमावर्ती क्षेत्रों की जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ताक्सिंग भेजने का आग्रह किया।
कांग्रेस ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए ताक्सिंग के लिए हर मौसम में खुले रहने वाले सड़क मार्गों की मांग की।
पार्टी ने कठिन हिमालयी सीमा पर तैनात जवानों के लिए निर्बाध साजो-सामान और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया।
एपीसीसी ने स्थानीय आदिवासियों की जमीन, जल, जंगल और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए अनुच्छेद 371एच में संशोधन की मांग की।
पार्टी ने पर्यावरण के अनुकूल छोटी और मध्यम आकार की पनबिजली परियोजनाओं का समर्थन करते हुए बड़ी बांध परियोजनाओं के प्रति अपना विरोध दोहराया।
कांग्रेस ने 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए इसके निर्माण पर रोक लगाने और पारदर्शी मूल्यांकन कराने की मांग भी की।
भाषा सुमित माधव
माधव

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