मणिपुरी संगीतकार की हत्या: हंगामे पर आपत्ति जताने को लेकर ‘सबक सिखाना’ चाहते थे आरोपी
मणिपुरी संगीतकार की हत्या: हंगामे पर आपत्ति जताने को लेकर 'सबक सिखाना' चाहते थे आरोपी
नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के आरोपी कथित तौर पर हंगामा करने पर आपत्ति जताने के लिए उन्हें पीटकर ‘सबक सिखाना’ चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह हमला जानलेवा साबित होगा। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि किलोकरी स्थित सिंह के घर के बाहर किए जा रहे हंगामे का विरोध करने पर उन्होंने 54 वर्षीय संगीतकार के साथ मारपीट की और उन्हें थप्पड़ व घूंसे मारे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह ने कुछ अवसरों पर पास के एक ढाबा मालिक से वहां एकत्र होने वाले लोगों द्वारा किए जाने वाले हंगामे बारे में शिकायत की थी। हालांकि, पुलिस को हंगामे के संबंध में सिंह से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
उन्होंने बताया कि ढाबा आधी रात तक खुला रहता था और आसपास के इलाकों के ग्राहकों के साथ-साथ छात्र भी वहां आते थे।
पुलिस ने कहा कि वे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या इसमें कोई नस्लीय कोण था।
पुलिस सूत्र ने बताया कि अब तक की जांच में कहासुनी के दौरान सिंह के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सिंह के बेटे की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) (हत्या) का उल्लेख है।
पुलिस सिंह को लगी चोटों की सटीक प्रकृति का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें अंदरूनी चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
यह घटना रविवार रात करीब 11.30 बजे हुई जब सिंह अपने घर के बाहर हंगामा सुनकर नीचे गए। शिकायत के अनुसार, जब उनके बेटे ने अपने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनी, तो उसने दरवाजा खोला और एक समूह को उन्हें लात-घूंसे मारते देखा।
इसके बाद सिंह ऊपर लौट आए लेकिन उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की और उनके 20 वर्षीय पुत्र याइफाबा उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गया। पुलिस ने बताया कि अगले दिन सुबह करीब छह बजे चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
संगीतकार के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर के बाहर किए जाने वाले शोर-शराबे पर आपत्ति किए जाने पर उन्हें पहले भी धमकाया था।
इस मामले के सिलसिले में सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है।
पुलिस ढाबा मालिक की भूमिका और उसके संचालन की भी जांच कर रही है।
सूत्रों ने कहा कि अब तक ढाबे के कामकाज में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ भी सामने आने पर मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घटनाओं के क्रम और हमले की वजह बनी परिस्थितियों को लेकर पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है और गवाहों से पूछताछ कर रही है।
इस हत्या ने दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय के सदस्यों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
किलोकरी में दो दशक से भी अधिक समय से रह रहे सिंह एक जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर रॉक बैंड फीनिक्स के मुख्य गिटारवादक थे। उन्होंने बाद में दिल्ली में एक संगीत शिक्षक और कलाकार के रूप में काम किया।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश

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