Asaram Bapu Case High Court Final Verdict : आसाराम बापू केस में आया नया मोड़! 20-20 साल की सजा वाले हुए बरी, पर बापू को लगा तगड़ा झटका

जोधपुर हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम बापू की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि कोर्ट ने गैंगरेप की धाराएं हटा दी हैं। वहीं सह-आरोपी शिल्पी और शरदचंद्र को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया गया है। इस फैसले को आसाराम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Asaram Bapu Case High Court  Final  Verdict : आसाराम बापू केस में आया नया मोड़! 20-20 साल की सजा वाले हुए बरी, पर बापू को लगा तगड़ा झटका

Asaram Bapu Case High Court Final Verdict / Image Source : X

Modified Date: May 27, 2026 / 01:36 pm IST
Published Date: May 27, 2026 1:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जोधपुर हाईकोर्ट ने आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।
  • कोर्ट ने गैंगरेप की धाराएं हटाईं, लेकिन मुख्य सजा जारी रहेगी।
  • सह-आरोपी शि ल्पी और शरदचंद्र को हाईकोर्ट ने बरी किया।

जोधपुर : Asaram Bapu Case Final High Court Verdict : नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में जेल में सजा काट रहे आसाराम बापू की सजा पर जोधपुर हाईकोर्ट ने आज अपना अंतिम और बड़ा फैसला सुना दिया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद सुरक्षित रखे फैसले को सार्वजनिक कर दिया है। इस फैसले सेआसाराम बापू को तगड़ा झटका लगा है वहीं उनके सह-आरोपियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत की खबर है।

उम्र कैद की सजा बरक़रार

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को पूरी तरह से वैसे ही बरक़रार रखा है। Asaram Life Imprisonment Upheld  हालांकि, आसाराम को एक छोटी सी राहत जरूर मिली है कि उन पर से सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं को हटा दिया गया है। लेकिन बलात्कार की मुख्य धारा में उनकी उम्रकैद की सजा चालू रहेगी, यानी उन्हें जेल में ही रहना होगा। इस मामले में सरकार की तरफ से एजी दीपक चौपड़ा ने और पीड़िता की तरफ से वकील पीसी सोलंकी ने कोर्ट में अपनी बात रखी थी।

सह-आरोपी शिल्पी, संचिता और शरदचंद्र हुए बरी

इस फैसले का सबसे बड़ा मोड़ सह-आरोपियों को लेकर आया है। इससे पहले निचली अदालत ने सह-आरोपी शिल्पी और शरदचंद को 20-20 साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने आज बड़ा फैसला देते हुए सह-आरोपी शिल्पी और शरदचंद्र को सजा से पूरी राहत दे दी है और उन्हें केस से बरी कर दिया है।

गैंग रेप की धारा हटी

जोधपुर हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद आसाराम समर्थकों में जहाँ एक तरफ गैंग रेप की धारा हटने और सह-आरोपियों के बरी होने से थोड़ी राहत है, वहीं मुख्य सजा बरकरार रहने से आसाराम के जेल से बाहर आने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट परिसर के बाहर इस फैसले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।

इन्हें भी पढ़ें :

 


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..