अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया

अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया

अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया
Modified Date: November 7, 2025 / 03:17 pm IST
Published Date: November 7, 2025 3:17 pm IST

जयपुर, सात नवंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गत कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई कई बड़ी परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भाजपा सरकार ने इन परियोजनाओं का या तो काम धीमा कर दिया या काम पूरा होने के बाद भी इन्हें उपयोग में लेना शुरू नहीं किया।

गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि हमारी (पिछली) कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक से एक शानदार परियोजनाएं बनाईं।

उन्होंने इस संदर्भ में राजीव गांधी फिनटेक इंस्टीट्यूट, गांधी वाटिका म्यूजियम, कांस्टिट्यूशन क्लब, आईपीडी टॉवर, महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज, 310 नए कॉलेज, पांच से अधिक विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का जिक्र किया और कहा कि इन संस्थाओं की चर्चा पूरे देश में है।

उन्होंने कहा,‘‘यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार ने इन संस्थानों का या तो काम धीमा कर दिया या काम पूरा होने के बाद भी इन्हें उपयोग में लेना शुरू नहीं किया।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ये परियोजनाएं कोई हमारा व्यक्तिगत काम नहीं हैं बल्कि प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस सरकार के योगदान का परिणाम हैं। पता नहीं भाजपा सरकार प्रदेश के भविष्य को लेकर क्यों गंभीर नहीं है।’’

गहलोत के अनुसार राज्य की भाजपा सरकार ने कांस्टिट्यूशन क्लब की सदस्यता भी पूरी तरह शुरू नहीं की है। इसी प्रकार गांधी वाटिका म्यूजियम के माध्यम से नई पीढ़ी तक गांधी को पहुंचाने की कोई कार्य योजना भाजपा सरकार ने नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि ‘महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज’ में शासन (गवर्नेंस) और सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंसेज) के नए पाठ्यक्रम हैं जिनके लिए अभी विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों या विदेश में जाना पड़ता है।

गहलोत के अनुसार,‘‘पूरी इमारत बनने, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज सहित अन्य संस्थानों से जरूरी समझौते आदि होने के बाद भी यह संस्थान नई इमारत में शुरू नहीं हुआ है।’’

उन्होंने कहा,‘‘हर संस्थान की लगभग यही कहानी है। भाजपा की सोच राजस्थान को बीमारू प्रदेश बनाने की लगती है अन्यथा कोई भी प्रगतिशील सरकार ऐसी सोच नहीं रखेगी।’’

भाषा पृथ्वी

मनीषा संतोष

संतोष


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