जयपुर, 12 मई (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा इस परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले को साहसिक बताया।
उल्लेखनीय है कि एनटीए ने मंगलवार को ‘नीट यूजी 2026’ परीक्षा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इसमें अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘नीट (यूजी) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया।’’
गहलोत के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है।
गहलोत ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए ओएमआर शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो। कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई। इसी प्रकार, अब नीट (यूजी) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।’’
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘‘अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।’’
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मनीषा
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