(LPG Subsidy Income Limit/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: LPG Subsidy Income Limit: देश में बढ़ती ऊर्जा कीमतों और सरकारी खर्च के दबाव के बीच केंद्र सरकार ने LPG सब्सिडी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम उन लोगों की पहचान कर रही हैं जो सब्सिडी पाने के योग्य नहीं हैं। इसके लिए कंपनियां इनकम टैक्स विभाग के डेटा का इस्तेमाल कर रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन परिवारों की सालाना आय 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा है उनकी LPG सब्सिडी बंद की जा सकती है। सरकार का मानना है कि सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद और गरीब परिवारों तक पहुंचना चाहिए। इसी वजह से ज्यादा कमाई वाले लोगों की जांच शुरू कर दी गई है।
तेल कंपनियां ऐसे ग्राहकों को SMS भेज रही हैं जिनकी आय तय सीमा से अधिक पाई गई है। इस मैसेज में ग्राहकों को बताया जा रहा है कि अगर उन्हें लगता है कि जानकारी गलत है तो वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंपनियां टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर यह कार्रवाई कर रही हैं।
सरकार और तेल कंपनियों ने ग्राहकों को 7 दिन का समय दिया है। अगर कोई व्यक्ति इस दौरान अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कराता तो उसकी गैस सब्सिडी स्थायी रूप से बंद की जा सकती है। ग्राहक कंपनियों की हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। जिससे सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। सब्सिडी पर बढ़ते खर्च और राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है। इससे पहले भी सरकार ने नए गैस कनेक्शन की रफ्तार कम करने और सिलेंडर रिफिल बुकिंग के बीच का समय बढ़ाने जैसे कदम उठाए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और RBI के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। सरकार ईंधन की कीमतों में बदलाव और गैर-जरूरी सामानों के आयात को सीमित करने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इसका मकसद विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना है।