गुवाहाटी, 22 जुलाई (भाषा) असम सरकार ने बुधवार को विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पेश किया जिसका मकसद कुछ खास कामों के लिए जमीन अधिग्रहण को मौजूदा मुख्य कानून के कुछ प्रावधानों से छूट देना है।
‘जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता का अधिकार (असम संशोधन) बिल, 2026’ को संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता की ओर से सदन में पेश किया।
इस विधेयक का उद्देश्य मौजूदा कानून की धारा 10ए में संशोधन करना और कुछ खास कामों के लिए जमीन अधिग्रहण को मुख्य कानून के अध्याय दो और तीन के दायरे से बाहर रखना है।
ये अध्याय मुख्य रूप से सामाजिक प्रभाव के आकलन और खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन की सुरक्षा से जुड़े हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा से जुड़ी परियोजना, ग्रामीण बुनियादी ढांचे वाली परियोजना (जैसे बिजली पहुंचाना, स्वास्थ्य और शिक्षा) और किफायती आवास व गरीबों के लिए घर बनाने जैसे कामों के लिए जरूरी जमीन को छूट देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, राज्य सरकार और उसके उपक्रमों द्वारा बनाए गए औद्योगिक क्षेत्र या एस्टेट, राज्य सरकार और उसके उपक्रमों द्वारा बनाए गए औद्योगिक कॉरिडोर, सार्वजनिक निजी साझेदारी के तहत बुनियादी ढांचे की परियोजना (जहां जमीन का मालिकाना हक राज्य के पास हो) और हवाई अड्डों के आस-पास नियोजित शहरी विकास परियोजना के लिए जमीन को भी छूट दी जाएगी।
प्रस्तावित संशोधन बिल के अनुसार, राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परियोजना के लिए जितनी कम से कम जमीन जरूरी हो, उसे ही मुख्य कानून के प्रावधानों से छूट के लिए अधिसूचित किया जाए।
भाषा राखी रंजन
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