असम चुनाव: स्वायत्त परिषदें दिसपुर के सत्ता केंद्र के प्रति वफादार बनी रहीं

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असम चुनाव: स्वायत्त परिषदें दिसपुर के सत्ता केंद्र के प्रति वफादार बनी रहीं

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 09:42 PM IST

गुवाहाटी, छह मई (भाषा) असम के तीन स्वायत्त परिषद क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 21 में से 20 विधानसभा क्षेत्रों में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की भारी जीत ने संविधान की छठी अनुसूची में शामिल इन क्षेत्रों के राजनीतिक नेतृत्व और दिसपुर स्थित सत्ता केंद्र के बीच तालमेल को और मजबूत किया है।

भाजपा और उसके सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने आठ जिलों में फैले 21 में से 20 निर्वाचन क्षेत्रों पर जीत हासिल की, जबकि विपक्ष केवल एक सीट ही जीत सका।

वर्ष 2021 के चुनाव में भाजपा और उसके तत्कालीन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) में बहुमत हासिल किया था।

विपक्ष की एकमात्र जीत बीटीसी के अंतर्गत परबतझोरा निर्वाचन क्षेत्र में हुई जो एक अनारक्षित अल्पसंख्यक बहुल सीट है। इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।

बीटीसी की शेष 14 सीटें भाजपा और बीपीएफ के बीच साझा की गईं। कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) और एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद (एनसीएचएसी) के कुल छह निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने जीत हासिल की।

छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में राजनीतिक ध्रुवीकरण परंपरागत रूप से राज्य के सत्ताधारी दल के साथ जुड़ा रहा है, और नेता अक्सर तत्कालीन सरकार के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए पक्ष बदलते रहते हैं।

वर्ष 2023 के परिसीमन से पहले, बीटीसी में 12 विधानसभा क्षेत्र थे।

भाषा

संतोष माधव

माधव